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UP घूसकांडः CM योगी आदित्यनाथ के मुख्य सचिव की शिकायत करने वाला कारोबारी अरेस्ट, BJP ने कराया था केस

अभिषेक का दावा था कि हरदोई में पेट्रोल पंप की जमीन की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर प्रमुख सचिव ने घूस मांगी थी। कारोबारी द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत पर राज्यपाल रामनाईक ने भी सीएम को उचित कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी थी।

अभिषेक लखनऊ के रहने वाले और उन्हें आज सुबह पुलिस ने हिरासत में लिया था। (फोटोः ANI/फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के घूसकांड में भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले को ही शुक्रवार (आठ जून) को गिरफ्तार कर लिया गया। लखनऊ निवासी अभिषेक गुप्ता नाम के कारोबारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल पर 25 लाख रुपए बतौर घूस मांगने का आरोप लगाया था। टीवी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसके बाद अभिषेक के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया, जिस पर सीएम ने जांच के आदेश जारी किए थे।

पुलिस ने आज सुबह कारोबारी को हिरासत में लिया था, जहां उससे पूछताछ की जा रही थी। अभिषेक का दावा था कि हरदोई में पेट्रोल पंप की जमीन की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर प्रमुख सचिव ने घूस मांगी थी। कारोबारी द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत पर राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम को उचित कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी थी।

योगी के प्रमुख सचिव पर 25 लाख घूस मांगने का आरोप, राज्‍यपाल ने लिखी चिट्ठी

अभिषेक की शिकायत के बाद गुरुवार रात उन पर हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया था। 28 मई को सीएम के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ल ने बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय को बताया था कि इंदिरा नगर के रहने वाले अभिषेक ने बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संगठन व अन्य पदाधिकारियों के नाम लेकर गलत काम कराने का दबाव बनाने का प्रयास किया।

वहीं, शासन की ओर से अभिषेक के आरोपों को बेबुनियाद ठहराया गया। शासन की ओर से कहा गया कि ग्रामसभा की जमीन पर नियमों के हिसाब से आवंटन नहीं हो पाया, लिहाजा प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया था। उधर, कारोबारी की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजन परेशान हैं। वे इस संबंध में सीधे सीएम से मिलने की कोशिशों में जुटे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि बेटे को भ्रष्टाचार की शिकायत करने की सजा गिरफ्तार कर दी गई है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सूबे के पूर्व सीएम ने इस बाबत बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में बड़े सरकारी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप बड़ी बात है। जिसने शिकायत की, उसे ही जेल भेज दिया गया। सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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