उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। पंकज चौधरी की नई टीम में कुल 52 नेताओं को जगह मिली है। पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम में सभी वर्ग के नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। बीजेपी की नई टीम दिखाती है कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव किस जातीय समीकरण पर लड़ेगी।
बीजेपी की नई टीम में कितने दलित नेताओं को मिली जगह?
अगर हम यूपी बीजेपी की नई टीम पर नजर डाले तो 52 में से सात पद अनुसूचित वर्ग के नेताओं को मिले है। इन सात में से तीन पासी समाज से आते हैं। जबकि एक कोरी, एक वाल्मीकि, एक सोनकर और एक जाटव समाज से हैं। नई टीम में दलित नेताओं में राहुल वाल्मीकि, प्रियंका रावत, उपेंद्र रावत, अशोक रावत, देवेश कोरी, दीपमाला संतोषी और आकांक्षा सोनकर को जगह मिली है।
कितने दलित वोटर?
उत्तर प्रदेश में करीब 21 फीसदी अनुसूचित जाति के वोटर हैं। इनमें सबसे अधिक आबादी जाटव-चमार समाज की मानी जाती है। सीएसडीएस के एक अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में करीब 11 फीसदी जाटव-चमार समुदाय है। वहीं दूसरे नंबर पर पासी समुदाय आता है, जो करीब चार फीसदी हैं। इसके बाद धोबी, कोरी, वाल्मीकि और खटीक आते हैं।
लोकसभा में बीजेपी को लगा झटका
आंकड़े साफ बताते हैं कि बीजेपी का फोकस गैर जाटव दलित वोटर है, जो 2014 के लोकसभा, 2017 के विधानसभा, 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हालांकि 2024 में बीजेपी को झटका लगा और लोकसभा में उसकी सीटों पर असर पड़ा। 2019 में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 63 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन 2024 में घटकर 33 पर आ गई। बीजेपी को गैर जाटव दलित वोटरों का उतना साथ नहीं मिला था जो उसे बीते चार चुनावों में मिला था।
मंत्रिमंडल विस्तार में भी फोकस
अगर हम योगी मंत्रिमंडल पर नजर डालें तो अब कल 60 मंत्री हैं। इसमें से 22 सामान्य वर्ग, 25 ओबीसी और 10 नेता एसी वर्ग से आते हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल में एक-एक आदिवासी, मुस्लिम और सिख मंत्री भी शामिल है। इसी साल मई में योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले 8 दलित मंत्री मंत्रिमंडल में थे। हालांकि अब इनकी संख्या 10 हो चुकी है।
गैर-जाटव वोटरों पर बीजेपी का फोकस
योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार और पंकज चौधरी की नई टीम- दोनों के ही समीकरण साफ बताते हैं कि बीजेपी का फोकस अब गैर जाटव दलितों वोटरों पर है। सेंट्रल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गैर जाटव दलित वोटर अच्छी संख्या में है। बीजेपी को 2024 लोकसभा चुनाव में कौशांबी, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, गाजीपुर, बलिया, चंदौली, सलेमपुर, बस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर जैसी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। इन सभी सीटों पर गैर जाटव दलित वोटरों की आबादी अच्छी संख्या में है।
समाजवादी पार्टी गैर जाटव दलितों में से पासी समुदाय को लुभाने के लिए इंद्रजीत सरोज को पूरे क्षेत्र में कमान सौंपी थी। इंद्रजीत सरोज पासी समुदाय के बड़े दलित नेता हैं, जो बीएसपी से सपा में शामिल हुए थे। उनके बेटे अभी पुष्पेंद्र सरोज कौशांबी लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। समाजवादी पार्टी को इसका फायदा मिला और उसने भाजपा के गैर जाटव दलित वोट बैंक में सेंध लगाई थी। ऐसे में भाजपा फिर से अपने गैर जाटव वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में है। इसीलिए पासी समुदाय के सदस्यों को पंकज चौधरी को नई टीम में ज्यादा जगह मिली है।
एक जाटव को मिली जगह
पंकज चौधरी की नई टीम में एक जाटव नेत्री को जगह मिली है। बिजनौर से आने वाली दीपमाला संतोषी को पंकज चौधरी की टीम में प्रदेश मंत्री बनाया गया है। दीपमाला चौधरी बिजनौर के चांदपुर से आती हैं और उनके मंत्री बनाए जाने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित वोटरों में सेंध लगाने की कोशिश में है। दरअसल आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर भी जाटव दलित समुदाय से आते हैं और वह नगीना से लोकसभा सांसद हैं। नगीना बिजनौर से सटा हुआ लोकसभा है।
क्या है बीजेपी का प्लान?
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पार्टी बीएससी पहले से ही यहां पर सक्रिय है। प्रदेश में बसपा की कमजोरी हालत के बावजूद आज भी जाटव वोटरों के बीच वह पहली पसंद है। जाटव वोटर पहले से ही तीन हिस्सों में बंटा है। जिस जाटव वोटरों पर पहले मायावती का एकक्षत्र राज हुआ करता था, उसमें पहले ही चंद्रशेखर ने सेंधमारी की है और सपा भी अब उसी की जुगत में लगी हुई है। ऐसे में बीजेपी के समीकरण से साफ पता चलता है कि उसका फोकस गैर जाटव दलित वोटरों पर है।
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बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम पर ही यूपी चुनाव में पार्टी को सत्ता में बरकरार रखने की जिम्मेदारी है। इस लिस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे-बेटे नीरज सिंह को भी जगह मिली है। उन्हें उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। टीम में ओबीसी वर्ग पर ज्यादा फोकस किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
