भोगांव विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थित है। उत्तर प्रदेश की भोगांव विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला एक बार फिर दिलचस्प रहने की उम्मीद है। पिछले चुनावों के नतीजे बताते हैं कि इस सीट पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2002, 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी के आलोक कुमार ने लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 में बीजेपी के राम नरेश अग्निहोत्री ने सपा के इस प्रभाव को तोड़ते हुए जीत हासिल की और 2022 में भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।

पिछले चुनाव परिणामों को देखें तो भोगांव में पिछले कुछ चुनावों में राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2027 का चुनाव यह तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा कि बीजेपी इस सीट पर अपना प्रभाव बरकरार रख पाती है या समाजवादी पार्टी अपने पुराने जनाधार को दोबारा मजबूत करके वापसी करती है।

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भोगांव विधानसभा सीट पर हुए पिछले तीन विधानसभा चुनावों के विजेता

वर्षविजेतापार्टी
2022राम नरेश अग्निहोत्रीभारतीय जनता पार्टी
2017राम नरेश अग्निहोत्रीभारतीय जनता पार्टी
2012आलोक कुमारसमाजवादी पार्टी

2022 विधानसभा चुनाव परिणाम

2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के राम नरेश अग्निहोत्री ने 97208 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के आलोक कुमार शाक्य को 4767 वोटों के अंतर से हराया। आलोक कुमार शाक्य को 92441 वोट मिले।

बहुजन समाज पार्टी के अशोक कुमार को 14150 वोट मिले जबकि जन अधिकार पार्टी के भूपेंद्र सिंह को 4214 वोट हासिल हुए।

2022 का चुनाव खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि बीजेपी और सपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर 5 हजार से भी कम था। इससे संकेत मिलता है कि 2027 में भी इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

वर्षविजेतापार्टी
2022राम नरेश अग्निहोत्रीभारतीय जनता पार्टी
2017राम नरेश अग्निहोत्रीभारतीय जनता पार्टी
2012आलोक कुमारसमाजवादी पार्टी

2017 विधानसभा चुनाव परिणाम

2017 में बीजेपी के राम नरेश अग्निहोत्री ने 92697 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्हें 47.66 प्रतिशत वोट मिले। समाजवादी पार्टी के आलोक कुमार 72400 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच करीब 20 हजार वोटों का अंतर रहा।

बहुजन समाज पार्टी के सुरेंद्र सिंह को 26041 वोट मिले जबकि NOTA को 1242 वोट मिले।

2017 में बीजेपी की जीत 2022 की तुलना में अधिक स्पष्ट रही। हालांकि 2022 में सपा ने अपना प्रदर्शन काफी मजबूत किया और बीजेपी के जीत के अंतर को काफी कम कर दिया।

पार्टीउम्मीदवारवोटवोट प्रतिशत
भारतीय जनता पार्टी (BJP)राम नरेश अग्निहोत्री92,69747.66%
समाजवादी पार्टी (SP)आलोक कुमार72,40037.22%
बहुजन समाज पार्टी (BSP)सुरेंद्र सिंह26,04113.39%
NOTA—1,2420.64%

2012 विधानसभा चुनाव परिणाम

2012 में भोगांव की तस्वीर बीजेपी के मुकाबले सपा के पक्ष में थी। समाजवादी पार्टी के आलोक कुमार ने 70298 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्हें 40.78 प्रतिशत वोट मिले।

बीएसपी के आशीष सिंह उर्फ राहुल राठौर को 39,622 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस की राकेश कुमारी उर्फ रश्मि राजपूत को 26,069 वोट मिले जबकि बीजेपी के स्वामी सच्चिदानंद हरि को 19619 वोट मिले।

2012 के नतीजों से साफ है कि उस समय भोगांव में समाजवादी पार्टी की मजबूत पकड़ थी। इसके बाद 2017 में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए सीट अपने नाम कर ली।

पार्टीउम्मीदवारवोटवोट प्रतिशत
समाजवादी पार्टी (SP)आलोक कुमार70,29840.78%
बहुजन समाज पार्टी (BSP)आशीष सिंह उर्फ राहुल राठौर39,62222.99%
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)राकेश कुमारी उर्फ रश्मि राजपूत26,06915.12%
भारतीय जनता पार्टी (BJP)स्वामी सच्चिदानंद हरि19,61911.38%

भोगांव विधानसभा सीट का सामाजिक और राजनीतिक समीकरण

शाक्य और अन्य ओबीसी मतदाता: भोगांव की राजनीति में ओबीसी मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। 2022 में सपा उम्मीदवार आलोक कुमार शाक्य का मजबूत प्रदर्शन इस सामाजिक समीकरण की अहमियत को दिखाता है।

यादव मतदाता: समाजवादी पार्टी के पारंपरिक समर्थक माने जाने वाले यादव मतदाता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण आधार हो सकते हैं। सपा की 2012 की जीत में उसका पारंपरिक सामाजिक आधार अहम रहा था।

ठाकुर और ब्राह्मण मतदाता: बीजेपी के लिए सवर्ण मतदाताओं का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है। 2017 और 2022 की लगातार जीत में बीजेपी के व्यापक सामाजिक गठजोड़ की भूमिका रही होगी।

दलित मतदाता: बीएसपी को 2022 में 14,150 वोट मिले थे। ऐसे में दलित मतदाताओं का रुख भी बीजेपी और सपा के बीच मुकाबले में असर डाल सकता है।

मुस्लिम मतदाता: मुस्लिम वोट भी कई इलाकों में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में हो सकते हैं। समाजवादी पार्टी के लिए इस वोट का समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है।

2027 में किसके पक्ष में बनेगा माहौल?

भोगांव विधानसभा सीट के पिछले तीन चुनावों का रिकॉर्ड बताता है कि यहां राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहे हैं। 2012 में समाजवादी पार्टी के आलोक कुमार ने जीत दर्ज की थी लेकिन 2017 और 2022 में बीजेपी के राम नरेश अग्निहोत्री ने लगातार दो बार जीत हासिल की।

अब 2027 में बीजेपी के सामने जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती होगी। वहीं समाजवादी पार्टी 2022 में बेहद करीबी अंतर से मिली हार के बाद वापसी के लिए पूरी ताकत लगा सकती है। 2022 में दोनों प्रमुख दलों के बीच वोटों का अंतर 5 हजार से भी कम रह गया था। ऐसे में 2027 में उम्मीदवार की लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण, सरकार के कामकाज और विपक्ष की रणनीति चुनाव का रुख तय करने वाले अहम फैक्टर हो सकते हैं।

कुल मिलाकर भोगांव विधानसभा सीट पर 2027 का चुनाव बीजेपी और सपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई होगा। क्या राम नरेश अग्निहोत्री बीजेपी को लगातार तीसरी जीत दिला पाएंगे या समाजवादी पार्टी 2012 का प्रदर्शन दोहराते हुए भोगांव में वापसी करेगी? इसका जवाब 2027 के चुनावी नतीजे देंगे।

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