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यूपी के शिक्षा विभाग में एक और गड़बड़झाला, मौत के बाद भी टीचर को मिलती रही सैलरी, होते रहे इंक्रीमेंट

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं, कस्तूरबा गांधी विद्यालय में भी अब तक 56 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं।

UP, Education Department, BSAउत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सामने आया मामला। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो साल पहले एक टीचर की मौत हुई थी, इसके बावजूद शिक्षा विभाग उसे सैलरी देता रहा। अब यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी लीपापोती में जुटे हैं। बताया गया है कि टीचर को पिछले दो साल में वेतन के साथ इंक्रीमेंट भी दिए गए।

मामला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय का है। यहां शिक्षक अरविंद कुमार ने 5 नवंबर 2015 को ड्यूटी जॉइन की थी। एक साल बाद 22 मई 2016 को उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद शिक्षा विभाग मृतक के खाते में तनख्वाह भेजता रहा।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?
हाल ही में अरविंद कुमार की पत्नी वंदना नियुक्ति को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास गई थीं। यहां बीएसए ने उन्हें नियुक्ति देने से पहले खंड शिक्षा अधिकारी से अरविंद की सैलरी को लेकर पूछताछ की। इसमें पता चला कि 2016 में अरविंद की मौत के बाद भी उन्हें सैलरी भेजी जाती रही। यह बात सामने आने के बाद बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने अधिकारियों को फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए। उन्होंने साफ किया कि इस चूक के लिए विभाग में ऊपर से नीचे तक सभी पर कार्रवाई होगी।

यूपी में लगातार सामने आ रहे शिक्षा विभाग से जुड़े फर्जीवाड़े
उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े फर्जीवाड़ों का लगातार खुलासा हो रहा है। एक अन्य मामला कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से सामने आया है। इनमें काम करने वाले 56 शिक्षक अब तक फर्जी पाए गए हैं, जिनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इसके अलावा 70 अन्य शिक्षकों संदिग्ध की श्रेणी में रखते हुए उनके प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा शासन अब अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की नीति तैयार कर रहा है।

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