ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश: डॉक्टर के फार्महाउस से 38 गायों के शव मिलने से फैली सनसनी, भुखमरी की हालत में बचाए गए दर्जनों गाय-बछड़े

पुलिस ने बहराइच के जिला अस्पताल में काम करने वाले एसीएमओ जेएन मिश्रा पर पशु अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है

जांच में पुलिस मालूम करेगी कि जानवरों की मौत कैसे हुई और क्या उनका इस्तेमाल दवाइयां बनाने में तो नहीं हो रहा था।

शुक्रवार देर रात यूपी के बहराइच जिले के फखरपुर इलाके में अडिशनल चीफ मेडिकल अॉफिसर (ACMO) के फार्म हाउस में 38 गायों के शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। करीब एक दर्जन गाय और बछड़ों को भी बचाया गया है। पुलिस ने बताया कि स्थानीय हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, जिसके बाद उन्होंने यह अॉपरेशन चलाया। साथ ही मारुचा गांव में स्थित फॉर्म हाउस में एक छोटी आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली यूनिट का भी पता चला है। इसके बाद पुलिस ने बहराइच के जिला अस्पताल में काम करने वाले एसीएमओ जेएन मिश्रा पर पशु अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एक पुलिस अफसर ने बताया कि डॉक्टर को हिरासत में लिया गया था, लेकिन शनिवार को उसे छोड़ दिया गया।

उन्होंने बताया कि जांच में पुलिस मालूम करेगी कि जानवरों की मौत कैसे हुई और क्या उनका इस्तेमाल दवाइयां बनाने में तो नहीं हो रहा था। पूछताछ में मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह अपने फार्महाउस को गौशाला में तब्दील कर रहा था, इसलिए गांववाले अपने बीमार जानवरों को वहां छोड़ देते थे। उन्होंने दावा किया है कि शव बीमार जानवरों के हैं और उनमें से किसी की हत्या नहीं की गई है।

बहराइच के एएसपी और अॉपरेशन की टीम के सदस्य दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि फार्महाउस को सील कर हिंदू युवा वाहिनी के स्वामी चिन्मयानंद महाराज की शिकायत पर एसीएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है, क्योंकि ड्रग इंस्पेक्टर ने दावा किया है कि जो दवाइयां मिली हैं, वह आयुर्वेदिक हैं। यहां कई दवाइयों के पौधे भी मिले हैं। फिलहाल यह पता लगाया जाना बाकी है कि क्या गायों के अंगों और अन्य हिस्सों का दवाइयां बनाने में इस्तेमाल हो रहा था या नहीं। पुलिस ने सैंपल लेकर लैब में भेज दिए हैं।

जब कैसरगंज के एसडीएम अमिताभ यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संगठन के कुछ लोगों ने पता चला है कि फार्महाउस में भारी तादाद में गायों की हत्या की जाती है। उनका आरोप है कि गायों के अंगों का इस्तेमाल दवाइयां बनाने में किया जाता है। जमीन खुदाई में हमें 38 गायों के शव मिले हैं और दर्जन भर गायों और बछड़ों को भुखमरी की स्थिति में बचाया है।

बुलंदशहर: मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर को बुरी तरह पीटा, लगाया लापरवाही का आरोप , देखें वीडियो ः

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App