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मुजफ्फरनगर: जेल में कैदियों ने ली सेल्फी, फेसबुक पर की अपलोड

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला कारागार में तीन कैदियों के खिलाफ जेल के भीतर सेल्फी लेने और उसे फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। कैदियों ने सेल्फी लेने और फेसबुक पर अपलोड करने के लिए जिस स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया था, उसे जब्त कर लिया गया है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला कारागार में तीन कैदियों के खिलाफ जेल के भीतर सेल्फी लेने और उसे फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीटीआई के अनुसार कैदियों के सेल्फी लेने और उसे सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपलोड करने के बारे में पुलिस ने जानकारी दी। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कैदियों ने सेल्फी लेने और फेसबुक पर अपलोड करने के लिए जिस स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया था, उसे जब्त कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि कैदियों ने सेल्फी शनिवार (10 मार्च) को ली। जेल अधीक्षक ने कहा कि तीनों कैदी हत्या और हत्या की कोशिश करने के आरोपी हैं। कुछ दिन पहले एक वकील को उसके मुवक्किल के लिए जेल में मोबाइल फोन ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इंडिया टीवी की खबर के मुताबिक हत्या की कोशिश करने के आरोप में जेल में बंद विजय चौधरी नाम के कैदी ने दो और कैदियों के साथ जेल के भीतर सेल्फी ली।

कैदी ने फेसबुक पर सेल्फी अपलोड करते हुए कैप्शन में लिखा- ”खून में उबाल तो खानदानी है, दुनिया हमारे शौक की नहीं हमारे तेवर की दीवानी है।” स्थानीय मीडिया के मुताबिक बाकी कैदियों के नाम मोहित और सचिन हैं। कारागार में कैदियों के पास मोबाइल कैसे पहुंचा, इस सवाल पहेली बना हुआ है। अधिकारियों से जवाब देते नहीं बन रहा है। एडीजी कारागार ने जेल अधीक्षक से मामले की रिपोर्ट सौंपने को कहा है। बता दें कि बुधवार (7 मार्च) को कैदियों की सेल्फी वायरल हो गई थी। जिसके बाद जेल प्रशासन को इस बारे में पता चलने के बाद फौरन सेल्फी को फेसबुक से हटा दिया गया।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक सेल्फी लेने वाला कैदी विजय मलिक तितावी थाना क्षेत्र के गांव कादीखेड़ा का रहने वाला है और हत्या की कोशिश के मामले में सलाखों के पीछे है। जेल के अंदर सेल्फी खींचने के मामले ने राजधानी लखनई तक हड़कंप मचा दिया है। सरकारी आदेश के बाद तुरंत जिला कारागार की तलाशी ली गई। जेलर एके त्रिपाठी ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि जेल से रिहा हुए नंदू नाम के शख्स ने मोबाइल फोन जेल की दीवार के बाहर से फेंककर विजय को मुहैया कराया था। इस मामले में नंदू को भी आरोपी बनाया गया है।

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