Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल बॉर्डर के पास एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के पकड़ा गया है। महाराजगंज के एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि पकड़े गए अमेरिकी नागरिक ने नवंबर 2025 में समुद्री रास्ते से भारत में प्रवेश किया था और तब से वह गोवा में रह रहा था।

पूछताछ करने पर उसने अपनी पहचान जॉर्डन ब्राउन के तौर पर बताई और कहा कि वह कैलिफ़ोर्निया का अमेरिकी नागरिक है। पुलिस मीडिया सेल के एक वीडियो मैसेज में एडिशनल एसपी ने बताया, “11 जुलाई को एसएसबी ने सोनौली के पास एक व्यक्ति को बिना इजाजत नेपाल में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा।”

टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया ब्राउन

एडिशनल एसपी ने आगे कहा, “पूछताछ के दौरान उसने (ब्राउन ने) बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट खो गया। इसके बाद वह समुद्री रास्ते से श्रीलंका पहुंचा और वहां से 2 नवंबर 2025 को समुद्री रास्ते से ही भारत आया। तब से वह गोवा में रह रहा था। वह नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था तभी एसएसबी ने उसे पकड़ लिया।”

उसके पास कोई ट्रैवल डॉक्यूमेंट नहीं मिला- एडिशनल एसपी

एडिशनल एसपी ने बताया कि उसके पास कोई सही ट्रैवल डॉक्यूमेंट नहीं मिला। उन्होंने आगे बताया कि ब्राउन के दावों की अभी जांच की जा रही है और बिना सही कागजात के भारत में घुसने के लिए सोनौली पुलिस स्टेशन में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21/23 के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच एक अलग मामले में म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को आतंकवादी और युद्ध संबंधी प्रशिक्षण देने में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को 3 जुलाई को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और फिर मिजोरम के रास्ते म्यांमार गए, जहां वे म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ काम कर रहे जातीय सशस्त्र समूहों के संपर्क में आए। एनआईए का आरोप है कि आरोपियों ने ऐसे समूहों को ड्रोन वॉरफेयर और अन्य सैन्य तकनीकों से संबंधित ट्रेनिंग और मदद की, इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुईं।

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अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि लगभग 150 भारतीय अपनी जेल की सजा पूरी करने के बावजूद अब भी बांग्लादेश की जेलों में बंद हैं, क्योंकि प्रक्रिया से संबंधित देरी के कारण उनकी स्वदेश वापसी नहीं हो पा रही है। एक जेल अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि छह महीने पहले प्रकाशित जेल आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश की जेलों में 152 विदेशी कैदी बंद हैं, जिनमें 148 भारतीय शामिल हैं। ये सभी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, फिर भी जेल में हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…