UPSC टॉपर अपाला मिश्रा: एग्जाम से पहले दोस्त उड़ाते थे मजाक, इंटरव्यू में रिकॉर्ड बना हासिल की 9वीं रैंक

UPSC: अपाला मिश्रा अपनी पहले के दो प्रयासों में प्रीलिम्स भी नहीं निकाल पाईं थीं। तीसरी बार जब अपाला सिविल सर्विस परीक्षा में बैठीं तो उन्होंने इंटरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

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आईएएस अपाला मिश्रा (फोटो- इंस्टाग्राम)

IAS Apala Mishra की कहानी थोड़ी अलग हो जाती अगर उन्हें समय पर गाइडेंस मिल गया होता। अपाला को यूपीएससी में सफलता तीसरी बार में मिली, पहली दो बार वो प्रीलिम्स भी नहीं निकाल पाईं थी। जिसके बाद उनके सपने को लेकर दोस्त उनका मजाक उड़ाने लगे थे, लेकिन जब वो तीसरी बार सिविल सर्विस की एग्जाम में बैठीं तो उन्होंने इतिहास ही रच दिया।

बन गया रिकॉर्ड- यूपीएससी एग्जाम 2020 में अपाला ने इंटरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 215 अंक हासिल कीं। इनसे पहले 212 नंबर इंटरव्यू में लाने का रिकॉर्ड था। अपाला 2018 से यूपीएससी की तैयारी कर रही है। इनके पिता एक रिटायर सैन्य अधिकारी हैं और मां एक प्रोफेसर हैं।

नहीं मिला सही गाइडेंस- यूपीएससी में 9वीं रैंक लाने के बाद मीडिया से बात करते हुए अपाला, गाइडेंस ना होने की बात पर अफसोस जताती दिखी थी। जिसके बाद उन्होंने कहा था कि वो जल्द यूपीएससी के छात्रों के साथ अपना अनुभव शेयर करेंगी, जिससे उन्हें तैयारी करने में आसानी हो। इसी क्रम में उन्होंने दिल्ली नॉलेज ट्रैक से बात करते हुए कहा कि इस परीक्षा के लिए इतना पढ़ना होता है कि लोग समझ नहीं पाते हैं कि वो कहां से पढ़ाई शुरू करें। हम अपने आप को कम आंक लेते हैं और डिमोटिवेट हो जाते हैं। हमें यहां रिजल्ट कभी तुरंत नहीं मिलता है, लेकिन हमें डटे रहना होता है।

जब मिले खराब नंबर- इस दौरान वो अपना एक किस्सा शेयर करत हुए बताती हैं कि एक बार उन्हें मॉक टेस्ट में बहुत ही खराब नंबर मिले थे, वो भी उस विषय में जिसमें वो अपने आप को बेहतर मानतीं थीं। नंबर कम आने पर उनका मोरल डाउन हो गया था। उन्होंने आगे कहा कि इस परीक्षा के लिए खुद को एक्सेप्ट करना, जानना बहुत जरूरी है। आपको अपने आप को किसी से कंपेयर नहीं करना है। आपको अपनी कमियां एक्सेप्ट करनी है।

यहां से शुरू हुआ सफर- एक डॉक्टर से सिविल सेवा की ओर मुड़ने पर अपाला बताती हैं कि उनके बैकग्राउंड से उन्हें प्रेरणा मिली थी। उन्होंने कहा- मैंने अपने देश की स्वास्थ्य सेवा सिस्टम को ध्यान से देखा और महसूस किया कि इस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इस विचार ने मुझे समाज में अधिक प्रभाव डालने के लिए सिविल सेवा में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया”।

तैयार की रणनीति- अपाला बताती हैं कि जब वो डेंटल मेडिकल की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में थीं, तब वह सिविल सेवा में आने की तैयारी करने लगी थीं। अपाला ने यूपीएससी के लिए एंथ्रोपोलॉजी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। जब वो तैयारी करने के लिए बैठी तो उन्होंने अपना 100% ध्यान पढ़ाई में लगाने का संकल्प लिया। एक शेड्यूल बनाया। पढ़ाई के लिए 7 से 8 घंटे की रोज पढ़ाई करती थीं।

उन्होंने पहले तैयारी के लिए कोचिंग क्लास की, लेकिन फिर सेल्फ स्टडी की ओर रुख कर लिया। उनका मानना ​​है कि कोचिंग सेंटर उनकी मदद कर सकते हैं, लेकिन अंत में उन्हें खुद ही पढ़ाई करनी चाहिए। मिश्रा का सबसे कमजोर हिस्सा प्रीलिम्स सेक्शन था, क्योंकि वह अपने पिछले दो प्रयासों में इसे क्लियर नहीं कर पाई थी।

वह कहती हैं कि जितनी बार संभव हो बेसिक किताबों का रिवीजन करना चाहिए। क्योंकि हर बार जब आप दोबारा पढ़ते हैं, तो आपको ऐसे विषय दिखाई देंगे जो आपको याद नहीं हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना कि आप लगातार विषयों को पढ़ें और फिर से पढ़ें, ये बहुत महत्वपूर्ण है।

तैयारी के दौरान छात्रों को ओवर कॉन्फिडेंस वाले लोगों से सलाह कम लें। तैयारी के दौरान खुद के लिए टाइम निकालें। जो अच्छा लगता है करें। ये ब्रेक तैयारी के दौरान काफी काम करता है।

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