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यूपी की इस पहली महिला काजी ने भी की ‘तीन तलाक’ पर बैन की मांग, पढ़ें क्‍या कहा

हिना जहीर नकवी ने इस प्रथा को 'कुरान की आयतों का गलत मतलब निकाला जाना' करार दिया है।

Author कानपुर | June 1, 2016 6:25 PM
नकवी ने कहा कि मौखिक तौर पर तलाक देने की प्रथा का गलत इस्‍तेमाल हुआ है।

मुस्‍ल‍िमों में ‘तीन तलाक’ की प्रथा पर बैन लगाने से जुड़े भारतीय मुस्‍ल‍िम महिला आंदोलन की मांग का यूपी की प्रथम महिला काजी ने भी समर्थन किया है। हिना जहीर नकवी ने इस प्रथा को ‘कुरान की आयतों का गलत मतलब निकाला जाना’ करार दिया है। नकवी ने गुरुवार को मांग की कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार इस मामले में दखल दे। नकवी ने इस प्रथा पर तत्‍काल प्रभाव से बैन लगाने की मांग भी की।

नकवी ने कहा कि मौखिक तौर पर तलाक देने की प्रथा का बेजां इस्‍तेमाल हुआ है। इसने मुस्‍ल‍िम महिलाओं की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। इससे सिर्फ तलाक को बढ़ावा मिल रहा है। नकवी ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया, ‘मैं तीन तलाक का बुरी तरह से निंदा करती हूं। यहां तक कि कुरान में इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया, जिससे मौखिक तलाक को बढ़ावा दिया जाए। यह कुरान की आयतों को गलत मतलब निकाला जाना है।’

बता दें कि करीब 50 हजार मुस्‍ल‍िम महिलाओं व पुरुषों ने तीन तलाक की प्रथा पर बैन से जुड़ी याचिका पर दस्‍तखत किए हैं। इस याचिका की शुरुआत भारतीय मुस्‍ल‍िम महिला आंदोलन ने किया है। उसने मांग की है कि राष्‍ट्रीय महिला आयोग इस मामले में दखल दे।

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