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हैदराबाद: कुशवाहा ने की छात्रों से आंदोलन वापस लेने की अपील

उपेंद्र कुशवाहा ने दलित रिसर्च स्कॉलर की कथित आत्महत्या पर आंदोलन कर रहे हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की है।

Author हैदराबाद | January 23, 2016 10:33 PM
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने दलित रिसर्च स्कॉलर की कथित आत्महत्या पर आंदोलन कर रहे हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। कुशवाहा ने यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारे मंत्रालय की तरफ से एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। हम सभी छात्रों से कहना चाहते हैं कि भरोसा रखें। आपको इंसाफ मिलेगा। अब आंदोलन जारी रखने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की तरफ से दो सदस्यों की एक तथ्य अन्वेषक समिति ने मामले की जांच की और अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के अनुसार कुछ खामियां थीं। उस रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया। यह आयोग अपना काम करेगा और तीन महीने में रिपोर्ट देगा। इसके आधार पर मंत्रालय जरूरी कदम उठाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति और चार दलित छात्रों के खिलाफ मामला वापस लेने की आंदोलनरत छात्रों की मांग के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर विश्वविद्यालय गौर करेगा। मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। कुशवाहा यहां नवोदय राष्ट्रीय एकता कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने आए थे।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए शुक्रवार को एक न्यायिक आयोग गठित करने का फैसला किया। न्यायिक आयोग गठित करने के सरकार के फैसले और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की तरफ से मुआवजे की घोषणा के बारे में जब रोहित वेमुला के भाई राजू से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में आंदोलनरत छात्रों से बात करेंगे।

इस बीच डाक्टरों की एक टीम ने अनशन कर रहे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम में शामिल डॉ. रविंद्र कुमार ने उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि वे चार दिन से अनशन पर हैं। उसके मुताबिक उनके रक्तचाप में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। उनका शर्करा स्तर अस्थिर है। हम महसूस करते हैं कि हमें चिकित्सीय रूप से उन्हें कुछ समर्थन देने की जरूरत होगी। हमें लड़कों से चर्चा करनी होगी। हम अगली कार्रवाई के बारे में सोचेंगे।

उधर अनशन में शामिल जी प्रभाकर ने कहा कि हम अनशन जारी रखेंगे। हमारी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लखनऊ में चर्चा की और एक न्यायिक समिति गठित की गई है। आप कोई न्यायिक आयोग नियुक्त करें, कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिनकी वजह से असल में यह मौत हुई।

प्राथमिक आरोपी उपकुलपति अप्पा राव को बर्खास्त करें। केंद्रीय मंत्री द्वय स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय, जिन्होंने विश्वविद्यालय को पत्र लिखे, उन्हें गिरफ्तार करें। बिना गिरफ्तारी के यह सब (न्यायिक आयोग इत्यादि) हमें भरोसा नहीं दिलाएगा।

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