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यूपी: आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला ने लौटाई सुरक्षा, गनर्स से बोले- आपकी जरूरत नहीं

Azam Khan Security: आजम खान द्वारा सुरक्षा वापस करने को लेकर मीडिया से बात करते हुए अतिरिक्त एसपी संसार सिंह ने जानकारी दी कि विधायक आजम खान को वाई श्रेणी की सुरक्षा के तहत तीन गनर प्रदान किए गए थे।

यूपी: आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला ने लौटाई सुरक्षा, गनर्स से बोले- आपकी जरूरत नहीं
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (Express archive photo)

Rampur SP MLA Azam Khan: यूपी के रामपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खान और उनके बेटे सरकार की तरफ से मिलने वाली सुरक्षा को वापस कर दिया है। बता दें कि आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सुरक्षा में तैनात चार सुरक्षाकर्मी अब दिल्ली से रामपुर वापस लौट आए हैं।

आजम खान द्वारा सुरक्षा वापस करने को लेकर मीडिया से बात करते हुए अतिरिक्त एसपी संसार सिंह ने जानकारी दी कि विधायक आजम खान को वाई श्रेणी की सुरक्षा के तहत तीन गनर प्रदान किए गए थे। सुरक्षाकर्मी रामपुर पुलिस लाइन पहुंचे है। उनका कहना है कि 23 सितंबर को उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में तैनात किया गया था। लेकिन उन्हें वापस जाने के लिए कहा गया। उनसे कहा गया, “आपकी जरूरत नहीं है।”

संसार सिंह ने आगे कहा कि तीनों गनर वापस आ गए हैं। आजम खान जब भी सुरक्षा की मांग करते हैं तो उन्हें एक गनर मुहैया कराया जाता है।

वहीं दूसरी तरफ आजम खान के पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम ने भी अपना गनर को छोड़ दिया है। ऐसे में गनर वापस रामपुर आ गया है और उसने पुलिस लाइन में अपनी आमद दर्ज कराई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले यूपी पुलिस ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी से मदरसा आलिया की सरकारी मशीन, कीमती किताबें और फर्नीचर बरामद किया था। इस बीच आजम खान द्वारा सरकारी गनर्स को वापस भेजने का मामले में सपा दिग्गज नेता सुर्खियों में आ गए हैं।

आजम खान पर फिर से एक्शन:

बता दें कि आजम खान के खिलाफ एक बार से एक्शन शुरू होता दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसियों की ओर से विधायक के जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी की गई। इसके अलावा रामपुर में उनके खिलाफ नए केस दर्ज हुए हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।

इसी साल मई में आजम खान हुए थे रिहा:

बता दें कि इसी साल 20 मई को आजम खान करीब दो साल बाद जेल से रिहा हुए थे। वह यूपी की सीतापुर जेल में बंद थे। उन पर 89 अलग-अलग मुकदमे थे, जिसकी वजह से उन्हें 27 महीने जेल में रहना पड़ा। 26 फरवरी 2020 को उन्हें अरेस्ट किया गया था।

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First published on: 26-09-2022 at 02:58:19 pm
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