उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग आर्थिक रूप से कमजोर और अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मिश्रिख थाना क्षेत्र में की गई, जहां “सेंट्रल यूपी मिशन” के नाम से संचालित गतिविधियों का खुलासा हुआ।
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दुर्गेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केरल मूल के सुरेश चंद्र, कमलेश कुमार, श्रवण कुमार और अरुण आशुदाशन के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे “सेंट्रल यूपी मिशन” से जुड़े हैं और विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आर्थिक रूप से कमजोर और अशिक्षित लोगों के बीच धार्मिक साहित्य बांटते हैं।
529 धार्मिक पुस्तकें, चार स्मार्टफोन बरामद
एएसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि संगठन से जुड़े लोग व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संपर्क में रहते थे और कई स्थानों पर नियमित प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती थीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 529 धार्मिक पुस्तकें, 151 पर्चे और चार स्मार्टफोन बरामद किए हैं। मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए सील कर दिया गया है।
बीएनएस के तहत केस दर्ज
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
‘मेरा घर बर्बाद कर दिया’
उत्तर प्रदेश के शामली में दावा किया गया है कि यहां चांदनी कुरैशी ने करोड़पति हिंदू कारोबारी के बेटे आयुष मलिक को अपने प्रेम जाल में फंसाया, उससे शादी कर ली। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
