UP: No Toilet, No Water, Fear of Drunk Men from Wine Shop near By State Run Girls School in Agra Do not let Students Drink Water - यहां टॉयलेट जाने के डर में पानी नहीं पी रहीं स्कूली बच्चियां, बताया- बाहर घूम रहे शराबी - Jansatta
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यहां टॉयलेट जाने के डर से पानी नहीं पी रहीं स्कूली बच्चियां, बताया- बाहर घूम रहे शराबी

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सरकारी स्कूल में शौचालय समेत कई और बुनियादी सुविधाएं न होने की वजह से बच्चियों को प्यासा रहकर भयंकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सरकारी स्कूल में शौचालय समेत कई बुनियादी सुविधाएं न होने की वजह से बच्चियों को प्यासा रहकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल की बच्चियों और टीचर्स का कहना है कि पास में ही शराब का ठेका होने के कारण शराबी वहां घूमते रहते हैं, इसलिए वे टॉयलेट नहीं जा पाती हैं। यह हाल तब है, जब कुछ ही दिनों पहले इलाके के सांसद समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारी स्कूल का दौरा करके वहां 15 दिनों के भीतर शौचालय आदि सुविधाएं मुहैया कराने का वादा कर गए थे। ईटीवी भारत यूपी नाम के यूट्यूब चैनल पर शेयर किए गए आगरा के जगदीशपुरा स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के वीडियो में स्कूल की बच्चियां और टीचर अपनी असहज और गंभीर स्थिति बयां करती दिख रही हैं। एक बच्ची बताती है कि प्यास लगने पर भी पानी नहीं पीती हैं, ताकि बाहर टॉयलेट न जाना पड़े।

बच्ची कहती है कि पास में ही ठेका होने की वजह से शराबी घूमते रहते हैं, इसलिए वहां टॉयलेट जाने से डर लगता है। बच्ची कहती है कि आखिर इस तरह वह कितने दिन तक रहेगी, पानी नहीं पिएगी तो बीमार पड़ जाएगी, जिससे पढ़ाई रुक जाएगी और पढ़ने के लिए ही वह स्कूल आती है। बच्ची वीडियो में बताती दिख रही है कि अगर मार्च तक स्कूल में टॉयलेट और पीने के पानी व्यवस्था नहीं की गई तो वह स्कूल छोड़ देगी। स्कूल की टीचर भी कैमरे के सामने स्कूल के बदतर हालात को बयां करती है।

टीचर बताती हैं कि कुछ बच्चियां बड़ी हो गई हैं और अगर किसी को टॉयलेट जाना होता है तो उसके साथ एक बच्ची को और भेजा जाता है। ठेका होने से शराबियों का डर बना रहता है, इसलिए कभी-कभार बच्चों को उनके घर टॉयलेट के लिए भेजा जाता है। टीचर बताती हैं कि कभी-कभी वह खुद भी बच्चियों का साथ उनकी देखभाल करते हुए जाती हैं। वह कहती है कि इस तरह से काफी समय बर्बाद होता है। टीचर से जब पूछा गया कि कुछ दिन पहले सांसद और अधिकारी स्कूल में शौचालय आदि बनवाने का वादा कर गए थे तो उसका क्या हुआ, इस पर टीचर ने भी हामी भरी और कहा कि सांसद और अधिकारी आए तो थे, उन्होंने वादे भी किए थे, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।

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