सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोला है। राजभर ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि अखिलेश यादव के साथ फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने तक के रेट फिक्स हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की संपत्ति में 900 गुना की वृद्धि हुई है।
ओम प्रकाश राजभर ने एक्स पर कहा कि मित्र अखिलेश यादव जी, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए। जाति से आपके वाले ही हैं। आपसे बहुत प्रभावित भी हैं। कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाये तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’। बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की। ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो बात बात में मुझसे बताने लगे। मैंने सोचा आप मित्र हैं तो आपको बता देनी चाहिए।
सुभासपा चीफ ने कहा कि आपके यादव कार्यकर्ता मुझसे कहने लगे कि भैया (अखिलेश) से मिलने जाने पर उनके घेरे के लोग हमसे वसूली करते हैं। कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का 5000, हाथ मिलवाने का 8000-10,000 रुपये तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है।
ओपी राजभर ने आगे बताया कि अब मुझे समझ नहीं आया कि धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या ज़रूरत पड़ गई कि अपने धरती पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं। वो भी आपकी अपनी बिरादरी वालों से। अगर यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाकियों का कितना रेट लग रहा आपके यहां?
राजभर ने आगे कहा कि आपकी संपत्ति में 900 गुना बढ़ोतरी हुई। फिर ये ‘एक्स्ट्रा इनकम’ का जुगाड़ क्यों? कार्यकर्ताओं के खून पसीने की कमाई को क्यों चूस रहे हैं आप? अगर आप ख़ुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए महाराज। हार तो आप वैसे ही रहे हैं, ये सब बंटाधार करा देंगे।
सुभासपा चीफ ने आगे कहा कि आप सोच रहे होंगे कि कार्यकर्ता आपके, वसूली आपकी, घेरा आपका तो उसमें हम क्यों बीच में आ गए। दो वजह से हमें आना पड़ा। एक तो आप हमें भले दुश्मन समझें लेकिन हम आपको अपना मित्र मानते हैं। दूसरा आपके प्रशंसक, आपके कार्यकर्ता अपना दर्द मुझसे कहते हुए बोले कि मंत्री जी, आप इसको कह दीजिए तो शायद हमारा भला हो जाये। उन्होंने कहा कि मंत्री जी, आप बोलेंगे तो अखिलेश भइया जरूर सुनेंगे और समझेंगे। कार्यकर्ता बेचारे ग़रीब थे तो सोचा आप तक बात पहुंचा दूं।
राजभर ने आगे कहा कि मित्र के रूप में आपको समझा रहा हूं। अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र, वरना बहुत महंगा पड़ सकता है। गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए। 20 रुपये चंदा मांग कर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए। बाक़ी ये सिस्टम चालू रखना या बंद कराना आपका काम है। बंद करा देंगे तो अगले साल हमें अच्छा विपक्ष मिलेगा। यही चलता रहा तो हो सकता है अगले साल नेता प्रतिपक्ष बनाने भर की सीट ना आए। जनता तो हराएगी ही, खुद यही प्रताड़ित शोषित कार्यकर्ता ही आपको हरा देंगे।
बता दें, इससे पहले ओम प्रकाश राजभर सपा चीफ अखिलेश यादव पर कई बार गंभीर आरोप लगा चुके हैं। इससे पहले वह समाजवादी पार्टी में टूट का दावा कर चुके हैं।
‘मंदिर ट्रस्ट के सीईओ का राम भक्त होना जरूरी’, सर्च कमेटी के सदस्य बोले- जनता के भरोसे का सवाल
अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में हेरफेर के आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा तीन सदस्यों वाली सर्च कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में सुरेश हावरे के अलावा रिटायर्ड जज प्रदीप कोहली और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। इस कमेटी का काम राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति करना है। पढ़ें पूरी खबर।
