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यूपी: स्कूल ने छात्रों को दिया ‘योगी हेयरकट’ करवाने का आर्डर, कहा- स्कूल है मदरसा नहीं

उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में छात्रों को 'योगी कट' हेयर स्टाइल में आने के लिए कहा गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ।

उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में छात्रों को ‘योगी कट’ हेयर स्टाइल में आने के लिए कहा गया। जिस स्कूल में यह ऑर्डर दिया गया उसका नाम ऋषभ एकेडमी को एजुकेशनल इंग्लिश मीडियम स्कूल है। वह मेरठ में है। स्कूल पहली से 12वीं क्लास तक है। वहां 2,800 के करीब छात्र पढ़ते हैं। सभी लड़कों को यह ऑर्डर मानने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं छात्रों को दाढ़ी कटवाकर आने के लिए भी कहा गया है। कहा गया है कि वह कोई मदरसा नहीं है जहां छात्र नमाज पढ़ने आते हों। इसके साथ ही मांसाहारी खाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और ‘लव जिहाद’ से बचाने के लिए लड़के-लड़कियों को अलग क्लासरूम में बैठाया जा रहा है।

यह मामला गुरुवार (27 अप्रैल) को सामने आया। वहां कुछ छात्रों का हेयरकट कथित रूप से सही ना होने पर स्कूल से वापस घर भेज दिया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, स्कूल के सचिव रणजीत जैन ने कहा कि वह बच्चों को छोटे बाल करवाने के लिए कह रहे थे। जैसे कि आर्मी में होते हैं। लेकिन जब बच्चे नहीं समझे तो उन्होंने योगी आदित्य नाथ का उदाहरण देकर समझाया। उन्होंने बताया कि स्कूल में दाढ़ी ना रखने की गाइड लाइंस भी दी गई हैं।

मैनेजमेंट की तरफ से कहा गया कि स्कूल को जैन धर्म के लोगों द्वारा बनाए गए एक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है इस वजह से मांसाहारी खाना लाने की मनाही हुई है। मैनेजमेंट छात्रों के लंच बॉक्स पर नजर भी बनाए हुए है।

लड़के-लड़कियों को अलग बैठाने की बात पर प्रशासन ने कहा कि यह सब लड़कियों की सुरक्षा के लिए किया गया है। खबर के मुताबिक, रणजीत जैन ने कहा कि मुस्लिम लड़के हाथ में कलावा बांधकर हिंदू लड़कियों को फंसा लेते हैं। जैन ने आगे कहा, ‘मैं यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकता, इन दिनों यह किसी को भी पंसद नहीं कि किसी और धर्म-जाति का लड़का किसी और धर्म की लड़की को छुए।’

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  1. Dharamvir Saihgal
    Apr 28, 2017 at 2:50 pm
    Neither this is a Gurukul,nor an orphanage,or a temple etc.where such Tughlaki farmans can be enforced.At the most orders regarding personal hygiene can be implemented.Administration can't prevent the students from carrying and eating,whatever is permissible under the state laws.Growing children need high protein diet that consists of meat ,eggs and pulses etc.Even some of your school books propagate such food.Are they going to withdraw such books?
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    Reply
    1. B
      BHARAT
      Apr 28, 2017 at 11:54 am
      shisht sabse jaruri hai, padhaai me.
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      Reply
      1. R
        rohit
        Apr 28, 2017 at 10:12 am
        Very Good decision
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