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UP: अजीबोगरीब बीमारी से घिरे किसान के बेटे को मिली बड़ी मदद, चलने-फिरने और उठने-बैठने में भी थी दिक्कत

उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या बढ़ने लगी। ऐसे में इलाज के साथ-साथ घर खर्च चलाना भी चुनौती बन गया। इसके बावजूद विवेक के पैर का विभिन्न अस्पतालों में तीन बार ऑपरेशन हुआ, लेकिन सभी नाकाम रहे।

हाथीपांव से पीड़ित छात्र (फोटो- स्थानीय)

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले एक छात्र विवेक कुमार को 18 साल की उम्र से ‘हाथीपांव’ नाम की अजीबोगरीब बीमारी ने घेर लिया था। इसके चलते उसे उठने-बैठने और चलने-फिरने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा था। पेशे से किसान विवेक के पिता शैलेश कुमार अपने बेटे को लेकर छोटे-बड़े कई अस्पतालों में इलाज पर अच्छा-खासा पैसा खर्च कर चुके थे। ऐसे में उन्हें एक एनजीओ ने उनके बेटे का इलाज कराया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक विवेक पिछले छह सालों से इस बीमारी से जूझ रहे थे। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या बढ़ने लगी। ऐसे में इलाज के साथ-साथ घर खर्च चलाना भी चुनौती बन गया। इसके बावजूद विवेक के पैर का विभिन्न अस्पतालों में तीन बार ऑपरेशन हुआ, लेकिन सभी नाकाम रहे। निराश परिवार को नारायण सेवा संस्थान नाम के एक एनजीओ ने मदद की।

पिछले दिनों केरल के एक अस्पताल में चेकअप कराने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन के बाद हालात में 75 फीसदी सुधार आ जाएगा। लेकिन ऑपरेशन खर्च सुनकर विवेक और उसके पिता हताश हो गए। क्योंकि पूर्व की जमा पूंजी और कर्ज से कराए गए तीनों ऑपरेशन नाकाम हो चुके थे। गरीब किसान अब एक मुश्त 75 हजार की राशि खर्च करने में असमर्थ था।

 

नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया, ‘हमारा उद्देश्य है कि दिव्यांगों और आर्थिक रुप से कमजोर परिजनों का सहारा बनें ताकि हम उन्हें समाज की मुख्यधारा में ला सकें।’ संस्थान ने इलाज का पूरा खर्च ट्रस्ट की तरफ से उठाने का फैसला किया। अब विवेक कुमार को काफी हद तक समस्या से राहत मिली है।

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