उत्तर प्रदेश में विद्युत चालित चार पहिया वाहनों (Electric Car) पर दी जा रही सब्सिडी का बजट खत्म हो गया है। सरकार ने योजना की घोषणा के समय प्रदेश में 25 हजार चार पहिया ई-वाहनों को एक-एक लाख रुपये की सब्सिडी देने का लक्ष्य तय किया था। अब लक्ष्य पूरा होने के बाद विभाग ने चार पहिया वाहनों पर सब्सिडी रोक दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 25 हजार चार पहिया विद्युत वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें जनपद गौतमबुद्धनगर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां करीब साढ़े चार हजार वाहन पंजीकृत हुए। हालांकि, इनमें से 637 वाहन स्वामी अब भी सब्सिडी की प्रतीक्षा कर रहे हैं और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जितना बजट प्राप्त हुआ था, वह समाप्त हो चुका है। शेष पात्र वाहन स्वामियों को सब्सिडी देने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत चार पहिया विद्युत चालित वाहनों पर एक लाख रुपये की सब्सिडी और पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी जा रही थी।
अब केवल दोपहिया और बस पर योजना जारी
अब चार पहिया वाहन पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। इसके पीछे वाहन पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करना बताया जा रहा है। फिलहाल योजना केवल विद्युत मोटरसाइकिल और बसों के लिए जारी है। हालांकि, शुद्ध विद्युत चालित वाहनों को पंजीकरण शुल्क में छूट का लाभ मिलता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि योजना के तहत चार पहिया विद्युत चालिक वाहनों पर एक लाख रुपये की सबसिडी और पंजीकरण शुल्क में शत प्रतिशत छूट दी जा रही थी। इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सब्सिडी और शुल्क छूट का लाभ लेने के उद्देश्य से ई-वाहन खरीदे। शनिवार को सब्सिडी की जानकारी लेने पहुंचे वाहन स्वामी मनोहर शर्मा ने बताया कि वाहन खरीदे छह माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक सब्सिडी नहीं मिली। हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा।
इस संबंध में एआरटीओ नोएडा के अधिकारी नंद कुमार ने कहा कि बजट आते ही वाहन मालिकों को उनकी सब्सिडी दे दी जाएगी। बाकी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।
