वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पांच विस सीटों पर महिला उम्मीदवारोंं की संख्या बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
माना जा रहा है कि यह गणित भाजपा की राष्ट्रीय स्तर पर 33 फीसद महिलाओं की सत्ता में भागीदारी की मंशा को मजबूत करने के साथ आधी आबादी तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने में फायदेमंद साबित होगा। फिलहाल गौतमबुद्ध नगर लोकसभा के तहत आने वाली पांच विधानसभा में सत्ताधारी दल की खुर्जा विधानसभा से महिला विधायक हैं। 2014 से लगातार पांच में से एक सीट पर भाजपा की महिला विधायक रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भले ही अभी लोकसभा चुनाव में काफी समय है। अलबत्ता भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने 2029 के उसी चुनाव के मद्देनजर रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी है। इस दौरान होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी ने पहली बार महिलाओं को प्रभारी और सह प्रभारी के रूप में कमान सौंपी है। पांच में दो विधानसभा सीट पर सत्ताधारी दल यदि महिला उम्मीदवार उतारता है, तो वह 33 फीसद के आंकड़े को मजबूत करने के अलावा दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर से बड़ा संदेश भी देने में कामयाब होगा।
दादरी या जेवर से महिला प्रत्याशी की चर्चा
2012 के बाद 2014 में नोएडा विधानसभा सीट पर पहली बार हुए मतदान में भाजपा प्रत्याशी के रूप में विमला बाथम ने जीत हासिल की थी। उसके बाद 2017 में सिकंदराबाद विधानसभा से महिला प्रत्याशी के रूप में विमला सोलंकी चुनी गई थीं। 2022 में हुए चुनाव में खुर्जा सीट से भाजपा प्रत्याशी मीनाक्षी सिंह विधायक हैं।
ऐसे में महिला सीट की अतिरिक्त दावेदारी के रूप में दादरी या जेवर को संभावित माना जा रहा है। यूपी भाजपा उपाध्यक्ष विनोद त्यागी ने जनसत्ता से बातचीत में बताया कि पार्टी हर हाल में 33 फीसद महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करेगी। प्रत्याशी तय करने का निर्णय चयन समिति लेगी। इस समिति में कई महिला पदाधिकारी भी शामिल हैं।
नोएडा विधानसभा सीट को दादरी विस क्षेत्र के हिस्से से काटकर बनाया गया था। इस सीट पर सबसे पहले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में महेश शर्मा ने जीत हासिल की थी। उससे पहले यह क्षेत्र दादरी विस का हिस्सा था। 1957 में दादरी सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी के रूप में पहली महिला विधायक सत्यवती रावल चुनी गई थी। उन्होंने 1962 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था।
