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यूपी: जंगल में अवैध कटान की शिकायत पर सरकारी अधिकारी के सामने दलित को पीटा, पेशाब पिलाई

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के सोलेहवा जंगल में अवैध कटाई की शिकायत करने पर एक दलित को कथित तौर पर सरकारी अधिकारी के सामने पीटा गया और पेशाब पिलाई गई। बरगदवा सैफ के निवासी गुरु प्रसाद को 8 अप्रैल को उस वक्त दबंगों ने दबोच लिया जब वह अपने किसी काम से घर से निकला था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के सोलेहवा जंगल में अवैध कटाई की शिकायत करने पर एक दलित को कथित तौर पर सरकारी अधिकारी के सामने पीटा गया और पेशाब पिलाई गई। एनबीटी की खबर के मुताबिक बरगदवा सैफ के निवासी गुरु प्रसाद को 8 अप्रैल को उस वक्त दबंगों ने दबोच लिया जब वह अपने किसी काम से घर से निकला था। आरोपियों में वनकर्मी सूरजपांडे और एक गार्ड ध्रमेंद यादव के नाम शामिल हैं। आरोप है इन लोगों ने गुरु प्रसाद को रास्ते में पाकर मोटरसाइकिल से खदेड़ लिया और उसे दबोचकर उप वन संरक्षक (डीएफओ) के पास ले गए और उन्हीं के सामने उसकी पिटाई की और पेशाब पिलाई। पीड़ित गुरु प्रसाद के मुताबिक आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया और वन विभाग के गेस्ट हाउस में चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा। गुरु प्रसाद के मुताबिक उसे आरोपियों ने इस शर्त पर छोड़ा कि आगे से कभी भी वह जंगल में होने वाली अवैध कटाई की शिकायत नहीं करेगा।

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रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त आरोपी गुरु प्रसाद को पीट रहे थे, उस वक्त गेस्ट हाउस में डीएफओ और भांभर रेंज के रेंजर मौजूद थे। गुरु प्रसाद ने बताया कि उसने सोहेलवा जंगल में लगातार हो रही अवैध कटाई की शिकायत देवी पाटन मंडल के मुख्य वन संरक्षक कुरविला थॉमस से कई बार की थी। पूर्व में वन अधिकारी उसकी शिकायत पर मौके का निराक्षण भी कर चुके थे। उन्होंने सोहेलवा जंगल में हो रही अवैध कटाई और जंगल के बीच चलाए जा रहे अवैध ईंट भट्ठों का निरीक्षण किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक बड़े अधिकारियों से शिकायत करने पर डीएफओ ने उसे जांच के लिए बुलाया, लेकिन वह डर के मारे नहीं गया।

9 अप्रैल को पीड़ित ने पचपेड़वा थाने में मामले की शिकायत की, लेकिन पुलिस ने दो दिन तक इंतजार करने को कहा। वहां से कार्रवाई ना होने पर पीड़ित ने 12 अप्रैल को मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, मुख्य वन संरक्षक, आईजी, डीआईजी सहित कई अधिकारियों से की। 14 अप्रैल को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और देवी पाटन मंडल के मुख्य वन संरक्षक से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल मामले पर सभी अधिकारी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे हैं।

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