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यूपी में वालमार्ट करेगा 180 करोड़ रुपये का निवेश, किसानों का जीवन-स्तर उठाने का लक्ष्य

वालमार्ट फाउंडेशन अगले पांच वर्षों के दौरान किसानों का जीवन-स्तर सुधारने के लिये 180 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

Author September 27, 2018 7:02 PM
वालमार्ट इंटरनेशनल की मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जुडिथ मैक्केना ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ से सटे कासिमपुर गांव में स्थानीय किसानों के साथ बैठक के दौरान कहा कि वालमार्ट फाउंडेशन अगले पांच वर्षों के दौरान किसानों का जीवन-स्तर सुधारने के लिये 180 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

रिटेल क्षेत्र की अग्रणी कम्पनी ‘वालमार्ट’ भारत के किसानों के जीवन-स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास के तहत अगले पांच साल में 180 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वालमार्ट इंटरनेशनल की मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जुडिथ मैक्केना ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ से सटे कासिमपुर गांव में स्थानीय किसानों के साथ बैठक के दौरान कहा कि वालमार्ट फाउंडेशन अगले पांच वर्षों के दौरान किसानों का जीवन-स्तर सुधारने के लिये 180 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस मौके पर मैक्केना के साथ वालमार्ट इंडिया के सीईओ कृष अय्यर, मुख्य कारपोरेट अफेयर्स अधिकारी रजनीश कुमार और फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ बिन्नी बंसल भी मौजूद थे। वालमार्ट के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके उनसे कम्पनी द्वारा प्रदेश में किये जा रहे निवेश सम्बन्धी विभिन्न मामलों के बारे में विचार-विमर्श किया।

मैक्केना ने आज कहा कि वालमार्ट इंडिया अपने ‘कैश एण्ड कैरी‘ स्टोर्स के लिये किसानों से उनकी उपज की प्रत्यक्ष खरीद को 25 प्रतिशत तक बढ़ाएगी, ताकि काश्तकारों की आय बढ़े और बिचौलियों की भूमिका कम हो सके। साथ ही इससे किसानों की बाजार तक पहुंच बनाने में तेजी आएगी और उनकी परिवहन लागत में कटौती होगी। उन्होंने कहा कि वालमार्ट अपने बिकी केन्द्रों की मौजूदगी वाले हर राज्य में स्थानीय किसान उत्पादक संगठनों से उपज खरीदने की योजना बना रही है।

देश में लघु किसानों के भले के प्रति अपना संकल्प जाहिर करते हुए वालमार्ट सीईओ ने कहा कि उनकी कम्पनी देश में खाद्य सुरक्षा की स्थिति को और बेहतर करने तथा अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकने की केन्द्र सरकार की कोशिशों में साझीदार बनना चाहती है। वालमार्ट इंडिया के सीईओ कृष अय्यर ने कहा कि किसानों के जीवन-स्तर को सुधारने और उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिये सम्पूर्ण कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बाजार से जुड़ाव और साजोसामान सम्बन्धी सहयोग उपलब्ध कराती है। साथ ही किसानों को उपज का सही दाम दिलाने और पैदावार के खराब होने के सिलसिले को कम करने में मदद करती है।

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