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यूपी: अब बुजुर्ग महिलाएं भी महफूज नहीं! 85 साल की वृद्धा से रेप

सरकार या प्रशासन महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के लाख दावे करें लेकिन लगातार मीडिया की सुर्खियां बन रही रेप की वारदातें बयां कर रही हैं कि देश में बच्चियां हों या बुजुर्ग महिलाएं, कोई भी महफूज नहीं! उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रविवार (8 जुलाई) को एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अस्मत को तार-तार कर दिया गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

सरकार या प्रशासन महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के लाख दावे करें लेकिन लगातार मीडिया की सुर्खियां बन रही रेप की वारदातें बयां कर रही हैं कि देश में बच्चियां हों या बुजुर्ग महिलाएं, कोई भी महफूज नहीं! उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रविवार (8 जुलाई) को एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अस्मत को तार-तार कर दिया गया। बुजुर्ग महिला उस वक्त एक 35 वर्षीय शख्स की बदनीयती का शिकार बन गई जब शराब के नशे में धुत था। सोनू नाम के शख्स ने कथित तौर पर बुजुर्ग महिला के साथ बलात्कार किया। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग महिला जब घर में अकेली थी तो आरोपी ने मौका पाकर उसे बंधक बना लिया और काली करतूत को अंजाम देने लगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शाम के करीब पांच बजे वृद्धा घर में अकेली थी और आराम कर रही थी, तभी आरोपी वहां धमका और महिला के साथ दुष्कर्म करने लगा।

बुजुर्ग महिला अपने बचाव में अपनी क्षमता भर चीखती-चिल्लाती रही लेकिन जब तक कि उसकी आवाज किसी बचाने वाले के कानों तक पहुंचती तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक दूसरे घर में मौजूद पीड़िता के परिजनों को जब उसके चीखने की भनक लगी तो वे दौड़े चले आए। महिला के बेटे और अन्य परिजन जब मौके पर पहुंचे तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। परिजनों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके खिलाफ सोमवार (9 जुलाई) को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग महिला को मेडीकल जांच कराई जा रही है।

बता दें कि सोमवार को एक खबर राहत भरी आई। सुप्रीम कोर्ट ने देश और दुनिया को झकझोरने वाले ‘निर्भया’ कांड के दोषियों की मौत की सजा को बहाल रखा। गुनहगारों की फांसी की सजा बरकरार रखे जाने के फैसले पर निर्भया के परिजनों और गांव वालों ने खुशी जताई है। हालांकि परिवार को इस बात का अफसोस भी है कि एक नाबालिग आरोपी को फांसी नहीं दी जाएगी। निर्भया की मां ने मीडिया को बताया कि वह 6 वर्षों से न्याय के लिए लड़ाई लड़ रही हैं, उन्हें इस बात की खुशी है कि गुनहगारों को किसी अदालत से राहत नहीं मिली है। परिजनों ने कहा कि दरिदों को जल्द से जल्द फांसी पर चढ़ा देना चाहिए ताकि समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ संदेश जा सके।

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