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स्ट्रीट वेंडर्स को 20 हजार का कर्ज देगी केजरीवाल सरकार, स्कूल खोलने पर अभिभावक एकमत नहीं, जानें- दिल्ली में अनलॉक 3.0 से जुड़ी अपडेट्स

जानकारी के मुताबिक, केवल 1.3 लाख स्ट्रीट वेंडर्स ने ही अपना पंजीकरण नगर निगम और एनडीएमसी में कराया हुआ है। अधिकारी ने बताया कि डीएसएफडीसी रेहड़ी-पटरी वालों को कम ब्याज दर पर कर्ज मुहैया कराएगी।

Arvind Kejriwal, Anil Baijal, Corona Virus,दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के अनलॉक-3 के दो अहम फैसले खारिज कर दिए हैं। (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ा झटका लगा है। इसे ध्यान में रखते हुए केजरीवाल सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली साकार शहर के रेहड़ी-पटरी वालों को 20,000 रुपये तक का कर्ज मुहैया कराएगी। अधिकारियों ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है। राष्ट्रीय राजधानी में करीब पांच लाख स्ट्रीट वेंडर्स हैं।

जानकारी के मुताबिक, केवल 1.3 लाख स्ट्रीट वेंडर्स ने ही अपना पंजीकरण नगर निगम और एनडीएमसी में कराया हुआ है। अधिकारी ने बताया कि डीएसएफडीसी रेहड़ी-पटरी वालों को कम ब्याज दर पर कर्ज मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने एक बैठक के बाद यह फैसला लिया है। दिल्ली सरकार के इस फैसले से ऐसे लोगों की निर्भरता निजी साहूकारों पर कम हो जाएगी। वहीं राजधानी में स्कूल खुलना चाहिए या नहीं इसको लेकर बहस जारी है। दिल्ली-एनसीआर के करीब 61 फीसदी पैरंट्स 1 सितंबर से स्कूल खोलने के खिलाफ हैं।

अगर सरकार 1 सितंबर से स्कूल खोलने का फैसला करती है तो दिल्ली-एनसीआर के करीब 61 फीसदी पैरंट्स अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। एक सर्वे के अनुसार, देश के 58 प्रतिशत माता-पिता इस आइडिया के खिलाफ हैं। मुख्य सड़कों के बजाय कॉलोनियों में वाई-फाई प्रदान करना और कक्षा 12 वीं के छात्रों को छोटे ग्रुप में ऑड-ईवन आधार पर स्कूल बुलाने जैसे कुछ सुझाव सरकारी स्कूल के अभिभावकों द्वारा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ बातचीत करते समय दिये गए थे। कुछ माता-पिता ने यह भी साझा किया कि कैसे उन्होंने अपने बच्चों को निजी से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया है।

वहीं होटल, जिम, योग केंद्रों और साप्ताहिक बाजारों कि दुकान के मालिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू करने की धमकी दी है। इन लोगों का कहना है कि यदि लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल उन्हें इस सप्ताह के अंत तक अपना व्यवसाय शुरू करने की अनुमति नहीं देते हैं तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली सरकार ने अनलॉक-3 में होटल, जिम और साप्ताहिक बाजारों को फिर से खोलने की अनुमति देने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल को पुन: प्रस्ताव भेजा है।

आप सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा कि कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं और वहां स्थिति बिगड़ रही है लेकिन वहां होटल, जिम आदि के लिए अनुमति दी गयी है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने उपराज्यपाल से यह भी जानना चाहा कि दिल्लीवासियों को अपनी आजीविका कमाने से क्यों रोका जा रहा है जबकि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने 30 जुलाई को अनलॉक-3 के लिए गाइडलाइंस जारी करते हुए दिल्ली में होटलों को फिर से खोलने का फैसला किया था। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और कोविड-19 से बचाव के सभी आवश्यक उपायों को अपनाते हुए शनिवार 1 अगस्त से सात दिन के लिए प्रायोगिक आधार पर साप्ताहिक बाजारों को भी अनुमति दी गई थी। सब कुछ सही रहने पर इन्हें नियमित रूप से खोलने की बात कही गई थी। लेकिन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इस फैसले को निरस्त कर दिया था।

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