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जम्मू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले केरल के छात्रों को बताया देश-विरोधी, यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हुई हैक

सेंट्रल जम्मू यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले केरल और तमिलनाडु के छात्रों के साथ मारपीट की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें गोमांस खाने वाला और लेफ्टिस्ट मूवमेंट का समर्थक भी कहा गया।

Author April 17, 2019 4:32 PM
जम्मू विश्वविद्यालय फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

जम्मू शहर के बाहरी इलाके राया सुकनी में स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू (सीयूजे) में मंगलवार (16 अप्रैल) को हलचल का माहौल रहा। यहां पर पढ़ने वाले केरल और तमिलनाडु के छात्रों पर शुक्रवार (12 अप्रैल) को हुए हमले के विरोध में यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक कर ली गई। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ‘गोमांस खाने वाला’ और ‘देश-विरोधी’ कहा गया है।

वाइस चांसलर ने किया हमले से इनकारः केरल के छात्रों पर किसी भी तरह के हमले से इनकार करते हुए सीयूजे के वाइस चांसलर अशोक आइमा ने कहा कि वेबसाइट हैक करने वालों का पता लगाने के लिए पुलिस से शिकायत की गई है। उन्होंने कहा, ‘ ये छात्र (केरल) एआईएसएफ (ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन) और एसएफआई से संबंध रखते हैं। अगर उन्हें कुछ चाहिए तो वह है मुफ्त का खाना, मुफ्त की शराब और मुफ्त ड्रग्स… कोई उनसे सवाल नहीं करता है।’

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केरल के मुख्य सचिव ने लिखा पत्रः एक अधिकारी के मुताबिक, मंगलवार (16 अप्रैल) को केरल के मुख्य सचिव टॉम जोस ने केरल के छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा। केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सीयूजे में पढ़ने वाले केरल के दो छात्रों ने सीएम कार्यालय में इस बारे में जानकारी दी थी।

केरल के छात्र एआईएसएफ समर्थकः वाइस चांसलर आइमा ने बताया कि सीयूजे में लगभग 1500 के करीब छात्र पढ़ते हैं। इनमें से लगभग 60-65 प्रतिशत मुस्लिम छात्र हैं, इनमें कश्मीर और केरल के छात्र शामिल हैं। केरल के छात्रों की संख्या 70-80 बताते हुए उन्होंने कहा, ‘ ये छात्र अलग प्रवृत्ति के हैं। साथ ही, एआईएसएफ और लेफ्टिस्ट मूवमेंट के समर्थक हैं।’

खुद को बताया केरल साइबर वॉरियर्सः सीयूजे की वेबसाइट हैक करने वालों ने खुद को ‘केरल साइबर वॉरियर्स’ बताया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लिया गया एक्शन बुद्धिहीन एबीवीपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा केरल के छात्रों पर किए गए हमले का विरोध है।

हम पर लगे आरोप झूठेः एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के सीयूजे इकाई के अध्यक्ष मुकेश मन्हास ने कहा, ‘ हम वाम विचार धारा रखने वाले लोग हैं। कैंपस में दूसरी विचारधारा वाले कोई लोग नहीं हैं तो एबीवीपी और आरएसएस का नाम लेकर जबरन उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। हम कैंपस में इस तरह की हिंसा की निंदा करते हैं, लेकिन जिस तरह से हम पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसे में कुछ भी हो सकता है।’ नाम न बताने की शर्त पर सीयूजे के छात्रों ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को बताया कि समस्या उस समय शुरू हुई, जब यूनिवर्सिटी के वार्षिक कार्यक्रम ‘उड़ान’ में एमबीए अंतिम वर्ष के छात्रों को केरल के लोक नृत्य कार्यक्रम पर परफॉर्मेंस देने से रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि समय की कमी के चलते यह कदम उठाया गया था। एक छात्र ने बताया कि आयोजकों के साथ बहस के बाद एमबीए छात्रों ने ऑडिटोरियल के बाहर परफॉर्म किया था।

30-40 लोगों ने किया हमलाः छात्रों के मुताबिक, जब वे कार्यक्रम के बाद वापस हॉस्टल लौट रहे थे, तभी कुछ छात्रों के एक समूह, जो कथित तौर पर एबीवीपी से संबंधित थे, ने हमला कर दिया। इस दौरान आसपास के इलाके में रहने वाले लोग भी शामिल थे। हमलावरों की संख्या 30-40 के आसपास बताई जा रही है। मास कम्यूनिकेशन के एक छात्र ने बताया कि हमले के दौरान जिसने भी दखलअंदाजी की, उसे पीटा गया। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं से दोस्ती रखने वाले एनएसएस के अंतिम वर्ष के छात्र लव कुमार ने कहा कि केरल के छात्रों ने एक छोटी-सी लड़ाई को बहुत बड़ा बना दिया। वाइस चांसलर आइमा का कहना है कि उन्होंने हालात नियंत्रित किए, नहीं तो जेएनयू और हैदराबाद जैसी स्थिति बन सकती थी।’

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