कर्नाटक के शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च में कथित तौर पर हिस्सा लेने के लिए दो सरकारी शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के निशाने पर है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कर्नाटक स्कूली शिक्षा विभाग की आलोचना की है।
कुमारस्वामी ने क्या कहा?
एचडी कुमारस्वामी ने पूछा, “RSS मार्च में शामिल होकर उन्होंने कौन सी बड़ी गलती की है?” उन्होंने सवाल किया कि क्या उनके शामिल होने से कर्नाटक में कोई नुकसान, हिंसा या गड़बड़ी हुई है। निलंबन आदेश यादगीर के स्कूल एजुकेशन के डिप्टी डायरेक्टर चन्नाबसप्पा मुधोल ने 20 अगस्त को जारी किए थे।
सस्पेंड किए गए शिक्षकों में गुरुराज जोशी हुनासगी के गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में असिस्टेंट टीचर थे और अन्ना साहेब देशमुख सुरपुर तालुक के कुप्पी गांव के गवर्नमेंट लोअर प्राइमरी स्कूल में हेड टीचर हैं। विभाग के अनुसार गुरुराज जोशी और देशमुख ने 10 और 12 अक्टूबर, 2025 को पड़ोसी विजयपुरा जिले के तालीकोट और यादगीर जिले के हुनासगी में हुए RSS पथ संचलन इवेंट में हिस्सा लिया था।
शिक्षा विभाग ने की है कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने कहा कि उनके शामिल होने से कर्नाटक सिविल सर्विसेज़ (कंडक्ट) रूल्स, 2021 के रूल्स 3(1), 3(2), 3(3), 5 और 7 का उल्लंघन हुआ। आदेश में शिक्षकों के बर्ताव को ड्यूटी में लापरवाही बताया गया, जिसके लिए डिसिप्लिनरी एक्शन ज़रूरी था। पिछले साल अंबेडकर स्वाभिमानी सेना के यादगीर ज़िला अध्यक्ष जुम्माना गुडिमनी ने शिक्षकों के ख़िलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी और RSS के इवेंट्स में उनके कथित तौर पर शामिल होने की बात सरकार के ध्यान में लाई थी।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद मार्च 2026 में दोनों शिक्षकों को शो-कॉज़ नोटिस मिला था। अपनी लिखी हुई सफाई में शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने स्कूल के काम के घंटों के बाहर मार्च में हिस्सा लिया था और उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। हालांकि सूत्रों ने कहा कि विभाग को उनकी सफाई ठीक नहीं लगी।
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