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उज्‍ज्‍वला योजना में गड़बड़ी की खुली पोल, बीजेपी नेता व पूर्व पार्षद के घर से बरामद हुए 37 सिलिंडर

एसडीओ ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर पूर्व पार्षद के आवास पर छापेमारी की गई थी। जो सही साबित हुई। मगर संतोष कुमार ने एसडीओ को दलील दी है कि रात में गैस एजंसी के वेंडर को गैस वितरण में देर हो गई।

फोटो- पूर्व वार्ड पार्षद संतोष कुमार के घर जांच करते एसडीओ आशीष नारायण।

प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के तहत गरीबों को दिए जाने वाले रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का एक मामला भागलपुर में सामने आया है। दिलचस्प बात कि कालाबाजारी का आरोप भाजपा के एक स्थानीय नेता व पूर्व वार्ड पार्षद संतोष कुमार पर लगा है। एसडीओ आशीष नारायण ने शुक्रवार शाम इनके वारसलीगंज स्थित आवास पर छापा मार 37 गैस से भरे सिलिंडर बरामद किए है। हालांकि मामले की लीपापोती की पूरी कोशिश हो रही है। इससे एक बात का यह भी खुलासा होता है कि गरीबों के नाम पर हरेक महीने आपूर्ति होने वाले सिलिंडर चोरबाजारी में बिक रहे है। साथ ही ऐसे रसूखदार लोग मुफ्त कनेक्शन दिलाने के नाम पर गरीबों से बेजा पैसे वसूल रहे है।यह जांच का मुद्दा हो सकता है।

एसडीओ ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर पूर्व पार्षद के आवास पर छापेमारी की गई थी। जो सही साबित हुई। मगर संतोष कुमार ने एसडीओ को दलील दी है कि रात में गैस एजंसी के वेंडर को गैस वितरण में देर हो गई। इस वजह से उसके अनुरोध पर ये सारे सिलिंडर घर में रखवा लिए। वैसे भी इनका वितरण शुक्रवार को होना था। उन्होंने बबलू राय नाम के वेंडर को पेश भी किया। जिसने यही बात दोहराई।

एसडीओ ने बताया कि हाल ही परबत्ती मोहल्ले में शंकर गैस एजंसी के उनके विवाह भवन में रखे सिलिंडर विस्फोट कर गए थे। जिसमें मौतें और कई जख्मी भी हुए थे। आवास में भरे सिलिंडर इतनी तायदाद में मिलना शक पैदा करता है। हिफाजत के ख्याल से यह बिल्कुल सही नहीं है। ऐसे भी एक सौ किलो गैस यानी सात घरेलू गैस सिलिंडर से ज्यादा रखना कानूनन जुर्म है।

बहरहाल मामले की तहकीकात के लिए थाना बबरगंज पुलिस को सुपुर्द किया है। पुलिस ने एजंसी के वेंडर बबलू राय को हिरासत में ले पूछताछ कर रही है। साथ ही 37 सिलिंडर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। एसडीओ ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन के एरिया सेल्स प्रबंधक को भी मामले की जांच करने को कहा है। पुलिस ने इस सिलसिले में वेंडर, गैस एजंसी और पूर्व वार्ड पार्षद संतोष कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। दरअसल संतोष कुमार की भूमिका पहले से भी संदिग्ध रही है। ओम बाबा हत्याकांड में भी अदालत ने इन पर आरोप गठित किया है। और जमानत पर है। भाजपा के मंत्रियों , ज़िला परिषद अध्यक्ष व महापौर से इनके करीबी रिश्ते है। सूत्र बताते है कि पैरवी पैगाम हरेक स्तर से हो रही है। हालांकि इनकी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

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