मध्य प्रदेश के उज्जैन की शाही मस्जिद के बाहर तनाव बढ़ गया है। यहां सड़क चौड़ी करने के लिए एक मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाया जाना है। इसी कारण मस्जिद के बाहर का इलाका ‘रणक्षेत्र’ में तब्दील हो गया। यहां प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में जुटी भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसके बाद हालात काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा है।
मौके पर मौजूद एसपी प्रदीप शर्मा ने मीडिया को बताया कि कुछ उपद्रवियों ने हंगामा करने और पत्थरबाजी करने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के नेता भी वीडियो संदेश जारी कर शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। मस्जिद कमेटी की ओर से तोड़ने का काम लगातार जारी है। उज्जैन के कलेक्टर ने भी कहा कि शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी मस्जिद कमेटी द्वारा खुद हटाया जा रहा है।
क्या है विवाद की वजह? – उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ होना है। इसी की तैयारियों को लेकर शहर में विकास कार्य किए जा रहे हैं। शहर में कई इमारतें तोड़ी गई हैं, जिनमें मोहन यादव का एक पैतृक घर भी शामिल है। मोहन यादव के दादा द्वारा बनाए गए घर का एक हिस्सा विकास कार्यों के तहत तोड़ा गया है।
इसी क्रम में उज्जैन की एक मस्जिद का एक हिस्सा हटाया जाना था, जिसके विरोध में रविवार रात से ही एक समुदाय के लोग जुटने लगे थे। सोमवार सुबह जब प्रशासन के लोग यहां पहुंचे तो विवाद बढ़ गया और भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद भीड़ तो तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
मस्जिद कमेटी का क्या कहना है?
मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कोई दूसरा रास्ता चुना जाए या फिर सामने की इमारतों को हटाकर रास्ता बनाया जाए। उनका कहना है कि यह संपत्ति वक्फ बोर्ड में दर्ज है और एक धार्मिक स्थल है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 9 सितंबर को इस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने डिवीजन बेंच का रुख किया है, जिस पर अदालत में सुनवाई जारी है।
पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उज्जैन के इस इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगभग 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मस्जिद के आसपास 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग करके आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह हुई पत्थरबाजी की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं, लेकिन वे सतर्क हैं और ड्यूटी के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की निगरानी CCTV और ड्रोन से की जा रही है और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी रही है।
यह भी पढ़ें: ‘मस्जिद को बख्श दिया जाए, 636 साल पुरानी है’, उज्जैन में मस्जिद के ध्वस्तीकरण का विरोध कर रहा मुस्लिम समुदाय
