अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी और यूजीसी के नियमों को लेकर उठे विवाद ने भाजपा के भीतर एक नई चिंता को जन्म दिया है। इससे उसका ही वोट बैंक माने जाने वाला वर्ग नाराज है तो वहीं चंदा चोरी को लेकर हिंदू वर्ग में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसको मैनेज करने करने के लिए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हर मुद्दे को बारीकी से जांच-परख रहा है।
इन्हीं सब चिंताओं और दुविधाओं के बीच पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में अपने सदस्यों से इस मुद्दे को सावधानीपूर्वक संभालने और भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में लोगों को बताने का आग्रह किया। साथ ही दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राम मंदिर के चंदे की चोरी और इस साल की शुरुआत में उठे यूजीसी नियमों के विवाद पर बात की। नितिन नवीन ने कहा कि चंदे के कथित गबन से पूरे हिंदू समाज और भाजपा संगठन को ठेस पहुंची है। उन्होंने इस कथित चोरी को कुछ ‘गलत लोगों’ की ‘गलती’ बताया और आश्वासन दिया कि इस गलती को सुधारा जाएगा और सरकार दोषियों को सजा दिलाने और भविष्य में (दान की गिनती में) अधिक पारदर्शिता लाने के लिए हर संभव कार्रवाई करेगी।
सूत्रों ने बताया कि नवीन ने विपक्षी दलों पर मंदिर के चंदे की चोरी के मुद्दे का राजनीतिकरण करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की हालिया अयोध्या यात्रा का उदाहरण दिया ।
यूजीसी के नियमों को लेकर हुए विवाद पर, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के सामान्य वर्ग के नेताओं ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। नवीन ने कहा कि पार्टी सदस्यों को घबराना नहीं चाहिए या जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। इस तरह का कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि नवीन जी ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों के पीछे का इरादा गलत नहीं था और जो कुछ भी हुआ है, सरकार उसे भी ठीक करेगी।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त राज्य पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों, क्षेत्रीय और जिला अध्यक्षों के साथ एक बंद कमरे में हुई बैठक में नवीन की उपस्थिति में राम मंदिर दान विवाद पर बात की। सूत्रों ने बताया कि संतोष ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर हुए विवाद पर भी चिंता व्यक्त की। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे।
बैठक में मौजूद एक पार्टी नेता ने बताया कि संतोष जी ने अपने संबोधन में राम मंदिर और यूजीसी नियमों, दोनों मुद्दों पर सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने पार्टी नेताओं से जनता को यह बताने को कहा कि ‘दान की चोरी’ का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तुरंत एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं।
एक अन्य नेता ने कहा कि यूजीसी के नियमों के बारे में संतोष ने कहा कि नए नियमों की अधिसूचना में कुछ शब्दों के गलत प्रयोग से नकारात्मक संदेश गया है। हमें यह बात जनता को बतानी होगी।
इस वर्ष जनवरी में अधिसूचित यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव सहित विभिन्न प्रकार के भेदभाव को दूर करना था। हालांकि, इस अधिसूचना ने छात्रों के कुछ वर्गों के बीच विरोध प्रदर्शनों और इसे वापस लेने की मांगों को जन्म दिया। जिन्होंने दावा किया कि नए नियम जाति के आधार पर विभाजन पैदा कर सकते हैं और सामान्य वर्ग के छात्रों के उत्पीड़न का कारण बन सकते हैं।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 पर रोक लगा दी, यह देखते हुए कि वे महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हैं, जिनकी यदि जांच नहीं की गई तो बहुत व्यापक परिणाम हो सकते हैं और समाज को विभाजित कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साल से भी कम समय में होने वाले हैं। ऐसे में सूत्रों ने बताया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राम मंदिर दान विवाद और यूजीसी नियमों के मुद्दे लेकर चिंतित है।
भाजपा पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में हुई बैठक को संबोधित करते हुए नबीन ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नकारात्मक राजनीति कर रही हैं, क्योंकि भाजपा सरकार के खिलाफ उनका कोई मुद्दा नहीं है। नवीन ने कहा कि हमें विपक्ष के जाल में नहीं फंसना है। हमें उत्तर प्रदेश के विकास के लिए काम करना है। उन्होंने पार्टी से इस महीने के अंत तक क्षेत्रीय और जिला समितियों का गठन पूरा करने और 2027 के चुनावों के लिए संगठन तैयार करने को कहा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर दान के मुद्दे पर की गई टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए नवीन ने कहा कि वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की राम मंदिर को लेकर हमेशा से गलत धारणाएं रही हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे राम मंदिर की आस्था से न जुड़ें। नवीन ने कहा कि उनके दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे का उद्देश्य 2027 के चुनावों में कमल के दोबारा खिलने के लिए जमीन तैयार करना है।
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हो रहे शोर-शराबे के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक सोमवार को होगी। इस बैठक में ट्रस्ट अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर फैसला लेगा। पढ़ें पूरी खबर।
