यूजीसी के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। सामान्य वर्ग लगातार ‘UGC रोलबैक’को लेकर अपनी आवाज उठा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सवर्ण मोर्चा संगठन से जुड़े ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के लोगों ने रविवार को यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘UGC रोलबैक’के नारे लगाए।

प्रदर्शन कर रहे लोगों के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां थीं। वह मांग रहे थे कि सरकार यूजीसी के नए नियमों को पूरी तरह से खत्म करे।

प्रदर्शनकारी वीमेन पावर लाइन चौराहे पर आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर बढ़ने लगे। सड़क पर अचानक भीड़ उतरने से लंबा जाम लग गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। ‘मुर्दा है भाई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है’ के नारे लगाए।

प्रोटेस्ट में शामिल लोग बैकुंठ धाम पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अवसर बंद किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक यूजीसी का नया नियम पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता और आरक्षण समाप्त नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा।

दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैकुंठ धाम से हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। यह प्रदर्शन सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह के आह्वान पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच थानों की पुलिस बल तैनात रही।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज से जुड़े सांसदों और विधायकों पर मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए उनकी प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई।

1090 चौराहे पर जुटे 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारी

रविवार को सवर्ण मोर्चा से जुड़े लोग 1090 चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शन में ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य वर्गों से जुड़े लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर विरोध जताया। उनके हाथों में अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां थीं और वे ‘UGC रोलबैक’ के नारे लगा रहे थे। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने जनप्रतिनिधियों की प्रतीकात्मक शवयात्रा शुरू कर दी।

हजरतगंज और आसपास के रास्तों पर लगा जाम

प्रदर्शन और शवयात्रा के चलते लखनऊ के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज, लोहिया पथ और वीआईपी गेस्ट हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई। बताया गया कि जाम में एंबुलेंस समेत कई सरकारी और निजी वाहन भी फंस गए। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।

शाह ऑडिटोरियम में UGC विरोधी प्रदर्शन पर रोक, धारा 163 लागू

वहीं, दिल्ली पुलिस ने UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ 23 अगस्त को शाह ऑडिटोरियम में प्रदर्शन की अनुमति मिलने के दावे को फर्जी और भ्रामक बताया है।

दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि शाह ऑडिटोरियम में प्रदर्शन के लिए किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के मुताबिक, उत्तर जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है।

इसके तहत विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह रोक है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अनुमति से जुड़े वीडियो को गलत जानकारी बताया है।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को बिना सत्यापन वाली किसी भी खबर, वीडियो या पोस्ट को शेयर या फॉरवर्ड नहीं करने की सलाह दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबर बनाने या फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यह प्रदर्शन ‘Reservation Hatao Andolan’ यानी RHA के बैनर तले किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने जाति के बजाय आय के आधार पर आरक्षण तय करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने ‘एक परिवार, एक आरक्षण’ नीति लागू करने और UGC के 2026 के जाति-आधारित इक्विटी निर्देशों को तत्काल वापस लेने की मांग भी उठाई।

बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई। जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी देखी गई। RHA का दावा है कि उसके आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर 56 लाख फॉलोअर्स हैं। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने का आह्वान किया गया था।

‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ में फूट, ब्रजेश पाठक के साथ हर्ष दुबे की प्रेस कॉन्फ्रेंस 

‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ आंदोलन के नेताओं में अब फूट देखने को मिल रही है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम के साथ ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नेताओं के एक गुट ने डिप्टी सीएम ब्रजेश प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अजीत भारती ने तंज कसा। पढ़ें पूरी खबर।