तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार विवाद तब बढ़ा, जब डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई। उनके बयान पर भाजपा समेत कई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए अपने पुराने रुख को नए अंदाज में समझाने की कोशिश की।

उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनका मकसद किसी की धार्मिक आस्था पर हमला करना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह उस जाति व्यवस्था को खत्म करने की बात कर रहे थे, जो लोगों को ऊंची और नीची जातियों में बांटती है। उनके मुताबिक, समाज में बराबरी होनी चाहिए और हर व्यक्ति को मंदिर से लेकर समाज तक समान अधिकार मिलने चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जब उन्होंने विधानसभा में जाति व्यवस्था खत्म करने की बात कही, तो कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि “जाति व्यवस्था खत्म करने” का मतलब यह नहीं है कि लोग मंदिर जाना छोड़ दें, बल्कि इसका मतलब यह है कि समाज में किसी के साथ भेदभाव न हो।

डीएमके नेता ने कहा- भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं

उदयनिधि ने यह भी कहा कि उनकी राजनीति पेरियार, बाबा साहेब आंबेडकर, अन्नादुरै और करुणानिधि की विचारधारा से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया कि द्रविड़ आंदोलन हमेशा सामाजिक बराबरी की बात करता रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी की भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं है, लेकिन असमानता और उत्पीड़न का विरोध जरूर करती है।

दरअसल, मंगलवार (12 मई 2026) को विधानसभा में अपने पहले बड़े भाषण के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने फिर कहा था कि सनातन धर्म समाज में विभाजन पैदा करता है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। उनका यह बयान 2023 में दिए गए उस विवादित बयान की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म की तुलना “डेंगू और मलेरिया” जैसी बीमारियों से की थी। उस बयान पर देशभर में भारी विवाद हुआ था।

अब इस पूरे विवाद को तमिलनाडु की बदलती राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की राजनीति में एंट्री के बाद राज्य में नई राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिख रही है। ऐसे समय में उदयनिधि का यह बयान फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल इसे हिंदू भावनाओं से जोड़ रहे हैं, जबकि डीएमके इसे सामाजिक न्याय की राजनीति बता रही है। (पीटीआई इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें: उदयनिधि स्टालिन के फिर बिगड़े बोल, विधानसभा में सीएम विजय के सामने की सनातन को खत्म करने की बात

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बेटे और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही है। उन्होंने यह बात विधानसभा में मुख्यमंत्री जोसेफ के मौजूदगी में कही है। उदयनिधि ने सनातन को बांटने वाला भी कहा है। पिछली सरकार में मंत्री रहते हुए उदयनिधि ने कई सनातन को खत्म करने संबंधी बयान दिए थे। नई विधानसभा में बतौर विपक्ष के नेता उदयनिधि फिर एक बार सनातन के खिलाफ यह बात कही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक