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शादी के बाद दो बहनों का जबरन कराया वर्जिनिटी टेस्ट, पतियों ने छोड़ा, जाट पंचायत ने सुना दिया तलाक का फैसला

महिलाओं की शिकायत है कि शादी के बाद पतियों और ससुरालवालों ने उनसे मारपीट भी की। बाद में उन्हें जबरदस्ती घर छोड़कर अपने मायके जाने पर मजबूर कर दिया।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र कोल्हापुर | Updated: April 10, 2021 9:04 AM
महिला शिकायतकर्ता का कहना है कि जाट पंचायत ने उसके सामाजिक बहिष्कार का भी फैसला सुनाया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो बहनों का शादी के बाद जबरन वर्जिनिटी टेस्ट कराया गया। दोनों महिलाओं की शिकायत है कि वर्जिनिटी टेस्ट के बाद उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया और जाट पंचायत ने उन्हें तलाक देने का फैसला सुना दिया। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पतियों, सास और पंचायत के कुछ लोगों पर केस दर्ज किया है।

इस मामले में गुरुवार शाम को एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। दोनों बहनों द्वारा दायर की गई शिकायत के मुताबिक, वे कोल्हापुर के कंजड़भाट समुदाय से आती हैं। उन्हें समुदाय से ही दो भाइयों से विवाह के प्रस्ताव मिले थे। जहां एक भाई सेना में कार्यरत है, वहीं दूसरे भाई की प्राइवेट नौकरी थी। शिकायत में कहा गया है कि दोनों बहनों की 27 नवंबर 2020 को शादी हुई। इसके बाद परंपरा के तहत उन्हें अलग-अलग बेडरूम ले जाया गया, जहां पतियों ने उनका वर्जिनिटी टेस्ट किया।

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अपने बयान में एक पीड़िता ने कहा है कि उसके पति ने उस पर पहले दूसरे आदमियों के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया, जबकि दूसरी बहन वर्जिनिटी टेस्ट में सफल बताया। 29 नवंबर को शिकायतकर्ताओं के पति और उनके ससुरालवालों ने घर बनवाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपए मांगे और धमकी दी कि वे दोनों बहनों के साथ कोई रिश्ता नहीं रखेंगे। महिलाओं की शिकायत है कि इस दौरान उनके पतियों और ससुरालवालों ने उनसे मारपीट भी की। बाद में उन्हें जबरदस्ती घर छोड़कर अपने मायके जाने पर मजबूर कर दिया।

बताया गया है कि इसके बाद दोनों बहनों की मां ने जाट पंचायत में शिकायत दर्ज कराई। यहां मामले को सुलझाने के लिए उनसे 40 हजार रुपए भी ले लिए गए। फरवरी 2021 में जब एक मंदिर में जाट पंचायत बिठाई गई, तो यहां पंचायत के सदस्यों ने दोनों बहनों के खिलाफ फैसला सुनाते हुए शादी खत्म करने का फरमान दिया। शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि समुदाय ने उसका सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया।

इस घटना के बाद बहनों की मां महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के पास मदद के लिए पहुंचीं, जहां लोगों ने दोनों बहनों को पुलिस के पास पहुंचाने में मदद की और शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है।

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