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DDC नतीजों के तुरंत बाद हिरासत में ले लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता, उमर अब्दुल्ला का दावा- पार्टी बदलने को बनाया जा रहा दबाव

उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'शोपियां जिले में कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विजेताओं को श्रीनगर लाया गया और उनपर अपनी पार्टी में शामिल हो जाने का दवाब डाल गया।'

National Conference Kashmir newsनेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला। (ANI)

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि DDC चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की जो एक महिला शोपियां से चुनाव जीती उसे अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। पूर्व सीएम अपने दावे को साबित करने के लिए एक रिकॉर्डिंग भी चलाई। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस उम्मीदवार के पति से वादा किया जाता है कि अगर उसकी पत्नी ‘अल्ताफ बुखारी की पार्टी में शामिल हो जाती है’ तो उसके भाई को तीन दिन के अंदर रिहा कर दिया जाएगा।

डीडीसी की सदस्य यस्मीना जन शुक्रवार को अपनी पार्टी में शामिल हुई थी। उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा, ‘शोपियां जिले में कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विजेताओं को श्रीनगर लाया गया और उनपर अपनी पार्टी में शामिल हो जाने का दवाब डाल गया।’ उन्होंने कहा कि भाजपा, उसके सहयोगियों और जम्मू कश्मीर के प्रशासन को जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के जनादेश को स्वीकार करना चाहिए और निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त रोक देनी चाहिए। क्योंकि इससे लोकतंत्र और संस्थानों की बस बदनामी ही होगी।

उन्होंने पूर्व पीडीपी नेता अल्ताफ बुखारी की अगुवाई वाली अपनी पार्टी और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन पर डीडीसी के नवनिर्वाचित सदस्यों की निष्ठा खरीदने के लिए विभिन्न तरीके से दबाव डालने का आरोप लगाया। उमर ने कहा कि भाजपा, अपनी पार्टी और जम्मू कश्मीर प्रशासन को गुपकर घोषणापत्र जनगठबंधन (पीएजीडी) के पक्ष में जनादेश को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘पीएजीडी ने अधिकतर सीटें जीती हैं। भाजपा, अपनी पार्टी, केंद्र और प्रशासन को इसे स्वीकार करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आज स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम में डीडीसी चुनाव और लोकतंत्र की बात की।’

उन्होंने कहा, ‘हर भाजपा नेता छाती ठोक-ठोक कर कह रहे हैं कि डीडीसी चुनाव लोकतंत्र की जीत है… हम उन्हें कहना चाहते कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ ना करें। उमर ने कहा, ‘यदि यह (निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-बिक्री) नहीं रूकी तो मुझे लगता है कि लोकततंत्र एवं संस्थान बदनाम किए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र नहीं बल्कि कुछ और है।’

उन्होंने कहा, ‘संसद, विधानसभा और पंचायतों में दल-बदल कानून है, यह डीडीसी में भी लागू किया जाए। जो अपना पाला बदलते हैं, वे फिर चुनाव लड़ें, हमें पता चल जाएगा कौन कहा है।’ घाटी में कुछ सीटों पर पीएजीडी के घटकों के बीच दोस्ताना मुकाबले के बारे पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह गठबंधन महज कुछ महीना पुराना है। चुनाव गठबंधन बनने के शीघ्र बाद घोषित कर दिए गए। कमोबेश हम समस्याओं से उबरने में कामयाब रहे लेकिन आपको यह भी समझना होगा कि कुछ सीटों पर कई अच्छे उम्मीदवार थे।’ (एजेंसी इनपुट)

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