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दो लड़कियों को 4,000 रुपये में खरीदा, 2 साल तक नाबालिगों के साथ होता रहा बलात्कार

सुमन त्रिवेदी ने बताया 'दोनों बच्चियां 10 से 12 साल की हैं। उन्हें मजदूरी के बहाने दो साल पहले झारखंड से भिलवाड़ा लाया गया था। दोनों से पूरे दिन में 16-16 घंटे मजदूरी करवाई जाती थी और सिर्फ एक वक्त का खाना खिलाया जाता था।'

Author Published on: May 22, 2019 12:45 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो सोर्स-जनसत्ता

राजस्थान के अजमेर में दो नाबालिग लड़कियों से 2 साल तक ब्लात्कार किया गया। लड़िकयों को झारखंड से 4000 रुपए में खरीदकर भिलवाड़ा लाया गया था जहां उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया और फिर कई लोगों ने उनका ब्लात्कार किया। लड़कियों को भिलवाड़ा जिले स्थित रायला के एक पुराने कारखाने में जबरन रखा गया था।

हालांकि किसी तरह दोनों लड़किया वहां से भागने में कामयाब हुई और भोपाल पहुंच गई। जिसके बाद बच्चियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद नेशनल कमीशन फोर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने मामले में दखल दिया।

कमीशन की डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन सुमन त्रिवेदी भोपाल से बच्चियों को भोपाल से भिलवाड़ा वापस ले गईं और मंगलवार को मामले में एफआईआर दर्ज करवाई। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। रायला पुलिस ने पॉस्को और मानव तस्करी के तहत दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है।

सुमन त्रिवेदी ने बताया ‘दोनों बच्चियां 10 से 12 साल की हैं। उन्हें मजदूरी के बहाने दो साल पहले झारखंड से भिलवाड़ा लाया गया था। दोनों से पूरे दिन में 16-16 घंटे मजदूरी करवाई जाती थी और सिर्फ एक वक्त का खाना खिलाया जाता था।’

वहीं पुलिस एफआईआर के मुताबिक बच्चियों से मजदूरी करवाने के बाद उन्हें पुराने कारखाने ले जाया जाता था। जहां पर लोग उनका ब्लात्कार करते थे। बच्चियों ने इस दौरान कॉन्ट्रैक्टर धर्मेंदर मोंटू की पत्नी से मदद की गुहार लगाई थी जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। लेकिन किसी तरह बच्चियां वहां से भागने में कामयाब हुई। जिसके बाद वह चितौड़गढ पहुंची जहां एक महिला उनकी मदद के लिए आगे आई और कुछ पैसे देकर उन्हें भोपाल रवाना होने के लिए कहा और इसके साथ ही यह भी बताया कि भोपाल से झारखंड के लिए ट्रेन वहीं से रवाना होगी। जिसके बाद बच्चियां भोपाल पहुंच गईं।

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