ताज़ा खबर
 

अवैध कोयला खदान से मिले दो खनिकों के शव, एनजीटी ने पूर्वोत्तर राज्य पर लगाया 100 करोड़ का जुर्माना

दरअसल मीडिया रिपोर्ट की मानें तो साल 2014 के प्रतिबन्ध के पहले कोयला खनन उद्योग से राज्य में सालाना 700 करोड़ रुपए तक राजस्व आता था। लेकिन प्रतिबन्ध के कारण इस अवैध खनन से होने वाली कमाई में कमी आ गई। हालाँकि इस पर रोक लगाने का एक मुख्य कारण खनिकों सुरक्षा भी थी।

एनजीटी ने पूर्वोत्तर राज्य पर लगाया 100 करोड़ का जुर्माना (जनसत्ता)

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में स्थित एक अन्य अवैध कोयला खदान से दो खनिकों के शव बरामद हुए हैं। पुलिस ने सोमवार को बताया कि जिला मुख्यालय खलीहृयत से कुछ किलोमीटर दूर जलयियाह गांव में कोयला खदान से शनिवार देर रात दो शव बरामद किए गए। पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक सिलवेस्टर नोंगतिनगर ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘फिलिप बारेह ने एक व्यक्ति के लापता होने की शिकायत शुक्रवार को दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने गांव में तलाश शुरू कर दी और एलाद बारेह का शव बरामद किया।’’ उन्होंने बताया कि और अधिक खोजने पर एक अन्य शव मिला। मृतक की पहचान एम बसुमातारे के रूप में की गई है। ये शव ऐसे समय में मिले हैं जब करीब एक महीना पहले ही मेघालय में एक अवैध खदान में 15 खनिक फंसे होने की खबर मिली थी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने असुरक्षित खनन पर 2014 से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद अवैध खनन जारी है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार खनिकों की मौत कोयला निकालते समय बड़ा पत्थर लगने से हुई। पुलिस खदान के मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि खनन के संबंध में एनजीटी के प्रतिबंध का उल्लंघन करने के आरोप में विभिन्न स्थानों से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कड़े प्रतिबंधों के बावजूद लगातार गैर-कानूनी खनन की खबरें बार-बार सामने आ रही हैं। दरअसल मीडिया रिपोर्ट की मानें तो साल 2014 के प्रतिबन्ध के पहले कोयला खनन उद्योग से राज्य में सालाना 700 करोड़ रुपए तक राजस्व आता था। लेकिन प्रतिबन्ध के कारण इस अवैध खनन से होने वाली कमाई में कमी आ गई। हालाँकि इस पर रोक लगाने का एक मुख्य कारण खनिकों सुरक्षा भी थी।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनजीटी ने राज्य को अवैध खनन पर रोक लगाने में असफल पाया है जिसके चलते पूर्वोत्तर राज्य पर 100 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि एनजीटी की उच्चस्तरीय समिति ने बैठक के दौरान यह रिपोर्ट पेश की जिसमें राज्य ने अवैध खनन पर अपनी विफलता को स्वीकारा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में बड़ी संख्या में अवैध खनन बिना किसी लीज अथवा लइसेंस के छाए जा रहे हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App