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Bihar में जघन्‍य वारदात: पुलिस कस्‍टडी में पिटाई से दो युवकों की मौत, जिस्‍म में धंसे मिले नाखून

बिहार के सीतामढ़ी इलाके में 2 लोगों की पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों के शरीर पर नाखूनों और गंभीर चोटों के निशान थे, जिसकी तस्वीरें मृतकों के परिजनों ने पुलिस के साथ साझा की हैं।

Author March 12, 2019 2:29 PM
बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस कस्टडी में दो युवकों की मौत फोटो सोर्सः इंडियन एक्सप्रेस

बिहार के सीतामढ़ी इलाके में बीते गुरुवार (7 मार्च) को पुलिस कस्टडी में 2 युवकों की मौत हो गई। इस मामले में 5 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर दोनों युवकों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। उनके शरीर पर नाखूनों और गंभीर चोटों के निशान थे, जिसकी तस्वीरें और वीडियो मृतकों के परिजनों ने पुलिस के साथ साझा की हैं। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा, ‘‘हमने सीतामढ़ी के डुमरा थाने के प्रभारी अधिकारी चंद्र भूषण सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हमने सीतामढ़ी के एसपी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।’’

यह था मामलाः बीते बुधवार (6 मार्च) की सुबह पुलिस गुफरान और तस्लीम अंसारी नाम के दो युवकों को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची थी। उन्हें मुजफ्फरपुर के रामढीहा निवासी राकेश कुमार की बाइक को चोरी करने और उसे जान से मारने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। गुफरान के पिता मुन्व्वर अली ने बताया, ‘‘हम सभी सो रहे थे, तभी अचानक चकिया पुलिस स्टेशन से पांच पुलिसकर्मी आए और गुफरान को ले गए। उसके बाद उन्होंने तस्लीम को गिरफ्तार कर लिया। तस्लीम पर पहले से भी 4 आपराधित मामले दर्ज थे। वहीं, गुफरान का कोई भी पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।

यह कहा तस्लीम के भाई नेः तस्लीम के बड़े भाई सनावर अली ने बताया, ‘‘तस्लीम की गिरफ्तारी के बाद जब वे पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें तस्लीम और गुफरान नहीं मिले। कुछ घंटों बाद जब वे दोबारा चकिया पुलिस स्टेशन पहुंचे तो बताया गया कि गुफरान और तस्लीम को डुमरा थाने भेज दिया गया है। सनावर ने बताया कि जब उन्होंने गुफरान से फोन पर बात की तो वह काफी मुश्किल से बात कर पा रहा था। गुफरान ने बताया था कि पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा था। थाने में मौजूद महिला कॉन्स्टेबलों ने सनावर को बताया था कि गुफरान को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है और उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। गुफरान के ससुर अयूब आलम ने बताया कि उन्हें युवकों का शव तक देखने की अनुमति भी नहीं दी गई।

ऐसे हुआ हत्या का शकः गुफरान के पिता ने बताया कि जब वे शव दफनाने जा रहे थे तो कुछ रिश्तेदारों ने शरीर पर नाखूनों और घाव के निशान देखे। पीड़ित परिजनों की कागजी कार्रवाई में मदद कर रही सब्बिल रूनी ने कहा कि हमने शवों के शरीर पर पाए गए चोट के निशानों की फोटो खींच लीं और वीडियो भी बना लीं। अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।
सरकार से मांगा मुआवजा : गुफरान के परिजनों ने सरकार से अपने बेटे की हत्या होने को लेकर 50 लाख रुपये और मृतक की पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग की है। वहीं, तस्लीम के पिता ने कहा कि उनके बेटे का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, फिर भी पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा। उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सजा देना तो अदालत का काम है, फिर पुलिस उसे इतनी बुरी तरह कैसे मार सकती है?

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