Two Congress MLAs join BJP-led govt in Manipur - Jansatta
ताज़ा खबर
 

मणिपुरः कांग्रेस के दो विधायक भाजपा में शामिल, जानिए क्या थी कांग्रेस छोड़ने की वजह

मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के दो विधायकों के सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो जाने के बाद राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली पहली सरकार के विधायकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।

Author इंफाल | July 17, 2017 2:17 PM

मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के दो विधायकों के सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो जाने के बाद राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली पहली सरकार के विधायकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। कार्य एवं सूचना मंत्री बिश्वजीत सिंह ने कल यहां एक सभा को बताया कि कांग्रेस के विधायक क्षेत्रीमयूम बीरेन सिंह और पाओनम ब्रोजन बीते शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। इसके साथ ही भाजपा के विधायकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई।

विधानसभा में एन बीरेन सिंह की अध्यक्षता में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में भाजपा के 31, नागा पीपल्स फ्रंट के चार, नेशनलिस्ट पीपल पार्टी के चार और एक निर्दलीय विधायक है। वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में चुने गए 28 कांग्रेसी विधायकों में से अब तक आठ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

गठबंधन की सरकार के सात संसदीय सचिवों द्वारा शनिवार को इस्तीफा दिए जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘उन्होंने राज्य विधानसभा की कई समितियों के अध्यक्षों के रूप में नए काम हाथ में लेने के लिए इस्तीफे दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दलों के विधायकों के बीच कोई गलतफहमी नहीं थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस समय विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 20 रह गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी मणिपुर में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की संख्या में (28 अप्रैल) को इजाफा हो गया था। कांग्रेस के चार और तृणमूल कांग्रेस के इकलौते विधायक ने पाला बदलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। तृणमूल कांग्रेस के रोबिंदफ्रो सिंह और कांग्रेस के वाई सुरचंद्र, एन हाओकिप, ओ लुखोई और एस बिरा को भाजपा में शामिल कराया गया। अतीत में कांग्रेस के टी. श्यामकुमार और जी. सुआनहाउ पाला बदलकर सत्ताधारी दल के साथ हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. भाबनंदा ने कांग्रेस के पाला बदलने वाले विधायकों का भाजपा दफ्तर में स्वागत किया। इस घटनाक्रम पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष टीएन हाओकिप ने कहा, ‘चुनाव के बाद चीजें बदली हैं। मित्र शत्रु बन गए हैं। यहां कोई सिद्धांत या विचार नहीं है। जो लोग दूसरी पाटिर्यों में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अयोग्य ठहराए जाने का डर नहीं है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App