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हिन्दू जागरण मंच ने की शिकायत तो दो महीने के लिए टीवी सीरियल पर सरकार ने लगा दिया बैन, कहा- धार्मिक भावना हो रही थी आहत

सीरियल में बेगम जान का रोल निभाने वाली अभिनेत्रा प्रीति ककोंगना ने आरोप लगाया है कि कुछ दिनों से उसे रेप और मर्डर की ऑनलाइन धमकियां मिल रही थीं।

Translated By प्रमोद प्रवीण गुवाहाटी | Updated: August 29, 2020 9:50 AM
टीवी सीरियल बेगम जान पर लगा दो माह का बैन। (वीडियो ग्रैब इमेज/यूट्यूब)

हिन्दू समूहों द्वारा करीब एक महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद असम पुलिस ने असमिया टीवी सीरियल पर दो महीने का बैन लगा दिया है। सीरियल में हिन्दू महिला और एक मुस्लिम पुरुष को प्रमुख पात्र के तौर पर दिखाया गया है। आरोप है कि सीरियल की वजह से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

24 अगस्त, 2020 के अपने आदेश में गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर एम पी गुप्ता ने रंगोनी टीवी को बैन के बारे में सूचित करते हुए लिखा है। उन्होंने केबल टेलिवीजन नेटवर्क (रेगुलेशन) कानून 1995 के तहत ये कार्रवाई की है। कमिश्नर ने पत्र में लिखा है, “सभी आरोपों का सार यह है कि धारावाहिक बेगम जान ने समाज के कुछ वर्गों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है और धारावाहिक में किसी विशेष धर्म और समाज के वर्गों के प्रति अवमानना और अपमानजनक शब्द कहे गए हैं जिससे हिंसा को बढ़ावा मिलने की आशंका है।”

पुलिस ने कहा है कि उसने हिन्दू जागरण मंच, अखिल असम ब्राह्मण युवा परिषद, यूनाइटेड ट्रस्ट ऑफ असम और गुणजीत अधिकारी की व्यक्तिगत शिकायत पर ये कार्रवाई की है। इस बीच खबर है कि सीरियल के प्रोड्यूसर ने शूटिंग रोक दी है और अब पुलिस के आदेश के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

सीरियल में बेगम जान का रोल निभाने वाली अभिनेत्रा प्रीति ककोंगना ने आरोप लगाया है कि कुछ दिनों से उसे रेप और मर्डर की ऑनलाइन धमकियां मिल रही थीं। हालांकि, प्रीति ने सीरियल के जरिए लव जिहाद भड़काने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उसने कहा कि सीरियल में सिर्फ एक संकटग्रस्त हिन्दू महिला को मुस्लिम युवक द्वारा मदद देने की कहानी दिखाई गई है।

पुलिस के आदेश में कहा गया है कि शिकायतों को केबल अधिनियम के तहत जिला स्तरीय निगरानी समिति के समक्ष रखा गया था। “समिति ने विचार-विमर्श के बाद और धारावाहिक बेगम जान के वीडियो क्लिप को देखने के बाद बहुमत के साथ फैसला किया है कि उपरोक्त धारावाहिक केबल टीवी नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 6 में उल्लिखित प्रोग्राम कोड का उल्लंघन है…पूर्ण बहुमत वाली समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि उक्त धारावाहिक ने समाज के कुछ वर्गों की धार्मिक भावना को आहत किया है, जिससे समाज में शांति और अमन कायम नहीं हो सकता है, इसलिए धारावाहिक का प्रसारण तत्काल प्रभाव से बंद किया जाय।”

पुलिस कमिश्नर ने बैन की पुष्टि करते हुए इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि लोकल टीवी चैनल को शो काउज नोटिस जारी किया गया है और उसे एक महीने के अंदर जवाब देने को कहा गया है। रंगोनी टीवी पर ये सीरियल तीन महीने से प्रसारित हो रहा था। जुलाई में इसके खिलाफ ऑनलाइन मुहिम की शुरुआत हुई थी।

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