सावरकर ने नौ बार ब्रिटिश शासन के सामने क्यों दिया माफीनामा? एंकर के सवाल पर संबित पढ़ने लगे इंदिरा गांधी की चिट्ठी

वी डी सावरकर के माफीनामे पर हो रहे एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी नेता संबित पात्रा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खत को पढ़ने लगे। ये पत्र इंदिरा गांधी ने सावरकर पर लिखा था।

Savarkar, indira gandhi, sambit patra
11 हजार रुपये इंदिरा गांधी ने सावरकर जी के लिए डोनेट किया था- संबित पात्रा (Photo: Twitter/@VPSecretariat)

वी डी सावरकर और उनकी माफी को लेकर इन दिनों काफी विवाद उपजा हुआ है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के इस मामले पर दिए गए बयान के बाद से हर ओर इसकी चर्चा हो रही है। इसी तरह की चर्चा इन दिनों टीवी डिबेट्स में भी देखा जा रहा है। इसी तरह के एक डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, इंदिरा गांधी की चिट्ठी पढ़ने लगे।

आजतक पर सावरकर की माफी को लेकर चल रहे एक डिबेट में जब एंकर अंजना ओम कश्यप ने राजनाथ सिंह के माफी वाले बयान को लेकर कहा कि ये सच्चाई है कि सावरकर ने नौ बार अंग्रेजों के सामने दया याचिका दी थी… इसी पर बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि मुझे कष्ट हो रहा है कि मुझ जैसा साधारण प्रवक्ता सावरकर जैसी महान पुण्यात्मा पर डिबेट कर रहा है। हाल के दिनों में जिस तरह के शब्दों का प्रयोग सावरकर के लिए किया जा रहा है कि वो कष्टदायक है।

पात्रा ने आगे कहा कि जिन्होंने 13 साल जेल में गुजारे, जिन्हें कालापानी की सजा मिली। आज कांग्रेस उन्हें पानी पी-पीकर कोस रही है। उन्होंने कहा कि आप इंदिरा जी को देखिए… इंदिरा गांधी जी ने क्या कहा, ये भी मैं पढ़कर सुनाना चाहता हूं। इसके बाद पात्रा इंदिरा गांधी के लिखे हुए पत्र को पढ़कर सुनाने लगे।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि 11 हजार रुपये इंदिरा गांधी जी ने सावरकर जी के लिए डोनेट किया था सत्तर के दशक में। इंदिरा गांधी ने सावरकर पर एक डाक टिकट भी जारी किया था।

बता दें कि बीजेपी सावरकर को राष्ट्रवादी मानती है, जबकि कांग्रेस उन्हें अंग्रेजों के सहयोगी होने का आरोप लगाती है। सावरकर के माफीनामे को लेकर भी हमेशा से बहस जारी रही है। हाल ही में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि वीर सावरकर ने महात्मा गांधी के कहने पर अंग्रेजों के सामने दया याचिका लगाई थी। एक खास वर्ग द्वारा सावरकर के बारे में जानबूझकर झूठ फैलाया गया और भ्रम की स्थिति पैदा की गई।

जिस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने ये बातें कही थीं, उसी कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी सावरकर के बचाव में बयान दिया था। मोहन भागवत ने कहा था कि आजादी के बाद से सावरकर को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इस कड़ी में अगला नंबर विवेकानंद का है।

पढें राज्य समाचार (Rajya News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
भाजपा और आप के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शनCongress opened secrets BJP AAP
अपडेट