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सीएम बिप्लब देव की शिकायत के बाद ‘वनवास’ पर गए बीजेपी इन्चार्ज सुनील देवधर?

बिप्लब देव और सुनील देवधर को त्रिपुरा में भाजपा की जीत का सूत्रधार माना जाता है। लेकिन देवधर ने बिप्लब देब के मुख्यमंत्री चुने जाने का विरोध किया था। इतना ही नहीं देवधर ने जिंशुदेव बर्मन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए जाने की वकालत भी की थी। उसी वक्त वक्त से सुनील देवधर और बिप्लब देब के बीच तनातनी चली आ रही है।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब (फोटो सोर्स- ट्विटर/@BjpBiplab)

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव की शिकायत के बाद आखिरकार राज्य भाजपा प्रभारी सुनील देवधर को वनवास पर जाना पड़ा। सुनील देवधऱ ने खुद ट्वीट कर कहा है कि योगा सेशन में शामिल होने के लिए वो ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने लिखा कि 14 जुलाई तक वो वनवास पर रहेंगे। उन्होंने आगे लिखा कि 2019 में मोदी सरकार को फिर से सत्ता पर लाने के लिए उन्हें कड़ा संघर्ष करना है। हालांकि इस बात का अंदाजा पहले ही लगाया जा रहा था कि विप्लब देव ने शीर्ष नेताओं से सुनील देवधर की शिकायत की है जिसके बाद सुनील देवधर का त्रिपुरा से बाहर शिफ्ट होना लगभग तय है, हालांकि बड़े नेता ऐसी किसी बात से इनकार कर रहे हैं। लेकिन बिप्लब के समर्थकों का मानना है कि यह ट्वीट इस बात का इशारा है कि सुनील देवधर ने आखिरकार सरेंडर कर दिया है।

बिप्लब देव और सुनील देवधर के बीच यह है विवाद:
दरअसल त्रिपुरा में ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य की कमान पार्टी के युवा नेता बिप्लब देब को सौंपी गई थी। बिप्लब देव और सुनील देवधर को त्रिपुरा में भाजपा की जीत का सूत्रधार माना जाता है। लेकिन देवधर ने बिप्लब देब के मुख्यमंत्री चुने जाने का विरोध किया था। इतना ही नहीं देवधर ने जिंशुदेव बर्मन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए जाने की वकालत भी की थी। उसी वक्त वक्त से सुनील देवधर और बिप्लब देब के बीच तनातनी चली आ रही है।

कुछ समय पहले बिप्लब देव ने राज्य प्रभारी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। सूत्रों से खबर आई कि सोशल साइट फेसबुक पर बिप्लब देव के खिलाफ आपत्तिजनत पोस्ट को सुनील देवधर ने लाइक किया है। इतना ही नहीं देवधर के करीबियों ने सोशल साइट पर फेक न्यूज शेयर किया जिसपर बिप्लब देब को प्रधानमंत्री ने तलब कर लिया। इसके बाद बिप्लब देब ने शीर्ष नेताओं को फेसबुक से जुड़े तथ्यों से अवगत कराया।

सुनील देवधर त्रिपुरा में बीजेपी की कार्यकारिणी की बैठक में नहीं आए। अगरतला में भी कार्यकर्ताओं के एक कॉन्फ्रेंस में सुनील देवधर नदारद रहे। हालांकि इन सब बातों के बावजूद सुनील देवधर राज्य के सीएम बिप्लब देव से किसी भी तरह की अनबन की बातों से इनकार करते रहे हैं। बहरहाल त्रिपुरा की सियासी गलियारे में भाजपा के दोनों नेताओं के बीच का टशन चर्चे में है और कहा जा रहा है कि बिप्लब देब ने सुनील देवधर की शिकायत पार्टी के बड़े नेताओं से की है जिसके बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए वनवास पर भेजा गया है।

 

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