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हिरासत में ली गईं तृप्ति देसाई, मोदी से शिरडी में मुलाकात की कर रही थीं मांग

महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई का कहना है कि "विरोध प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हमें घर पर ही रोक दिया गया। यह मोदी जी द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है।"

तृप्ति देसाई। (image source- ANI)

सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को शुक्रवार तड़के पुणे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दरअसल तृप्ति देसाई और उनकी महिला साथी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने शिरडी जा रहीं थी। लेकिन पुणे पुलिस ने तृप्ति देसाई को उनके घर के पास ही हिरासत में ले लिया। बता दें कि तृप्ति देसाई केरल के सबरीमाला मंदिर मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बात करना चाहतीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शिरडी जा रहे हैं, जहां वह शिरडी मंदिर में साईं बाबा के दर्शन करने वाले हैं। वहीं इस तरह हिरासत में लेने का तृप्ति देसाई और उनकी महिला ब्रिगेड ने विरोध किया है। हिरासत में लेने के दौरान तृप्ति देसाई और महिला पुलिसकर्मियों के बीच धक्का मुक्की भी हुई।

तृप्ति देसाई का कहना है कि उन्होंने अहमदनगर के एसपी को गुरुवार को पत्र लिखकर पीएम मोदी से मुलाकात करने की जानकारी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी द्वारा मुलाकात नहीं करने पर उनका काफिला रोकने की बात भी कही थी। तृप्ति देसाई के अनुसार, जब वह शिरडी के लिए निकलने ही वाले थे, तभी पुलिस ने आकर उन्हें हिरासत में ले लिया। महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई का कहना है कि “विरोध प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हमें घर पर ही रोक दिया गया। यह मोदी जी द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है।”

बता दें कि केरल के सबरीमाला मंदिर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 10-50 वर्ष की महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर केरल में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मंदिर जाने वाले रास्तों पर स्वयंसेवक खड़े हैं और वाहनों को चेकिंग के बाद ही आगे जाने दे रहे हैं। वहीं जिन वाहनों में महिलाएं हैं उनसे महिलाओं को उतारा जा रहा है। शुक्रवार को केरल के शनिधानम् में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “10-50 वर्ष की कोई महिला मंदिर में प्रवेश नहीं करेंगी। हम सबरीमाला की रक्षा कर रहे हैं।”

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