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‘Republic TV’ के खिलाफ चौथा केसः संपादक, एंकर और पत्रकारों समेत 1000 टीवी स्टाफ पर केस, रिपोर्टर ने कहा- पीछे पड़ी है उद्धव सरकार, ये अघोषित आपातकाल है

पुलिस ने कहा कि रिपब्लिक चैनल ने उन खबरों को हवा दी जो पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ पुलिस कर्मियों में 'असंतोष' पैदा करेगी। पुलिस ने दावा किया कि चैनल ने खबर चलाई थी कि मुंबई पुलिसकर्मी आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं और उनके आदेशों को स्वीकारने से माना कर रहे हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: October 24, 2020 7:51 AM
republic tv, mumbai police republic tv, latest case against republic tv, republic tv arnab goswami, mumbai police arnab goswami, mumbai cityरिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के 4 कर्मचारियों और कुछ अन्य पर एफआईआर दर्ज।

मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के कार्यकारी संपादक, एंकर, दो पत्रकारों समेत अन्य संपादकीय कर्मचारियों को पुलिस विभाग के खिलाफ कथित अपमानजनक समाचार प्रसारित करने के आरोप में बुक किया है। पुलिस ने कहा कि रिपब्लिक चैनल ने उन खबरों को हवा दी जो पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ पुलिस कर्मियों में ‘असंतोष’ पैदा करेगी। पुलिस ने दावा किया कि चैनल ने खबर चलाई थी कि मुंबई पुलिसकर्मी आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं और उनके आदेशों को स्वीकारने से माना कर रहे हैं।

चैनल ने अपने बयान में कहा, “एक समाचार मीडिया संगठन के सभी पत्रकारों को बुक करना सही नहीं है। विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य के भीतर इसका लोकतंत्र पर बुरा असर पड़ेगा।” चैनल ने इसके अलावा एक ट्वीट भी किया है। रिपब्लिक ने लिखा ”दुनिया के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है। मुंबई पुलिस आयुक्त संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं। यह मुंबई पुलिस द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता पर खुला और जोरदार हमला है। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को अपनी स्थापना के बाद हुए प्रत्येक लेन-देन की जानकारी और सभी कर्मचारियों की सूची जमा कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। हम दबाव डालने के हर हथकंडे का डटकर सामना करेंगे।’

रिपब्लिक चैनल के खिलाफ पुलिस ने यह चौथा मामला दर्ज़ किया है। इससे पहले चैनल के प्रधान संपादक अरनब गोस्वामी के खिलाफ सांप्रदायिक तनाव उकसाने के लिए पायधुनी और एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में दो एफआईआर दर्ज़ की गई थी। टीआरपी की कथित धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा द्वारा की जा रही है, जबकि पुलिस द्वारा अलग से गोस्वामी के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है।

जिन लोगों पर यह एफआईआर दर्ज हुई है उनमें डिप्टी न्यूज एडिटर सागरिका मित्रा, एंकर शिवानी गुप्ता, डिप्टी एडिटर स्वान सेन और एग्जीक्यूटिव एडिटर नारायण स्वामी शामिल हैं। यह एफआईआर विशेष शाखा के उप निरीक्षक शशिकांत पवार की शिकायत पर पुलिस (असंतोष उत्पन्न करना) अधिनियम,1922 की धारा 3 (1) और भारतीय दंड सहिंता की धारा 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

टीवी चैनल के एक रिपोर्ट ने इसे अघोषित आपातकाल बताया है। रिपोर्ट ने  महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से पूछा कि आप पत्रकारों को जेल में डालेंगे? ये अघोषित आपातकाल है, इसका जवाब दीजिये। रिपोर्टर ने कहा अपने 1000 एडिटर पर एफ़आईआर की है।

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