ताज़ा खबर
 
title-bar

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव की फिर किरकिरी, बोले- टैगोर ने वापस कर दिया था नोबेल पुरस्कार

भाजपा नेता और त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव अपने बयानों की वजह से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अब एक बार फिर उन्होंने कथित तौर पर विवादित बयान दिया है। बिप्लब देव ने कहा है कि रविंद्रनाथ टैगोर ने नोबेल पुरस्कार वापस कर दिया था। दरअसल त्रिपुरा सीएम का एक वीडियो सोशल […]

बिप्लब देब के बयान पर फिर हुआ हंगामा। (image source-facebook)

भाजपा नेता और त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव अपने बयानों की वजह से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अब एक बार फिर उन्होंने कथित तौर पर विवादित बयान दिया है। बिप्लब देव ने कहा है कि रविंद्रनाथ टैगोर ने नोबेल पुरस्कार वापस कर दिया था। दरअसल त्रिपुरा सीएम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि टैगोर अंग्रेजों के खराब शासन के विरोध ने अपना नोबेल पुरस्कार वापस कर दिया था। डीएनए के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बिप्लब देव टैगोर की जयंती के मौके पर उदयपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। त्रिपुरा सीएम के इस अजीब बयान पर अब सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें लताड़ लगाई है। कमेंट में लिखा गया कि टैगोर को नोबेल पुरस्कार साल 1913 में मिला था। मूर्ख कहते हैं कि रविंद्रनाथ टैगोर ने नोबेल पुरस्कार अस्वीकार कर दिया था। कमेंट में आगे लिखा गया कि विप्लब बहुत लंबे समय तक एक अच्छे संघी नहीं रह सकते हैं।

एक कमेंट में लिखा गया कि टैगोर को स्वीडिश अकादमी से नोबेल पुरस्कार मिला और बिप्लब देव कहते हैं कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पुरस्कार वापस लौटा दिया था। शुवांकर मुखर्जी लिखते हैं, ‘ना तो ये इतिहास जानते हैं और नहीं साहित्य का ज्ञान रखते हैं। पढ़ना-लिखना कुछ नहीं…पुतला तोड़ा आठ आना।’ मोहम्मद खालिद अहमद लिखते हैं, ‘वापस लौटे बिप्लब देव… टैगोर ने ब्रिटिश शासन के विरोध में अस्वीकार कर दिया था नोबेल। त्रिपुरा सीएम को नर्सरी क्लास की शिक्षा लेने की जरुरत है।’

यहां देखें अन्य ट्वीट्स-

बता दें कि बिप्लब देव पिछले दिनों भी बिना सिर-पैर के बयानों की वजह से सुर्खियों में छाए रहे थे। पूर्व में उन्होंने कहा था कि इंटरनेट महाभारत काल में भी उपलब्ध था। उन्होंने तब कि जब कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध चल रहा था तब हस्तिनापुर में धृतराष्ट को उनके मंत्री संजय इस युद्ध की लाइव कमेंट्री सुना रहे थे। यहीं उस वक्त इंटरनेट होने का प्रमाण है। इससे पहले उन्होंने पूर्व विश्व सुंदरी डायना हेडेन पर भी विवादित बयान दिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App