पश्चिम बंगाल का राढ़ क्षेत्र चुनावी राजनीति का केंद्र बन गया है। इस क्षेत्र के पांच जिलों में से चार में भाजपा साल 2021 में हुए विधानसभा में खाता खोलने में कामयाब रही। उक्त चुनाव में भाजपा वाम गठबंधन की 15 और तृणमूल कांग्रेस की तीन सीटों के साथ कुल 18 सीट जीतने में कामयाब रही थी। हालांकि क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस 39 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
राढ़ क्षेत्र में पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व बर्द्ववान, पश्चिम बर्द्ववान और बीरभूम जिले स्थित हैं। इनमें कुल 57 विधानसभा हैं। इनमें सबसे बड़ा जिला पूर्व बर्द्ववान हैं। इसमें कुल 16 विधानसभा है और 2021 के चुनाव में इस जिले के सभी विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। वहीं साल 2016 में हुए चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 42 और वाम गठबंधन ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। यह क्षेत्र बंगाल के पश्चिम में छोटा नागपुर पठार और पूर्व में गंगा डेल्टा के बीच स्थित है। इस क्षेत्र में परंपरागत रूप से आदिवासी और ग्रामीण मतदाताओं की बड़ी भूमिका रही है। पिछले चुनावों में यहां भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सामाजिक योजनाओं और स्थानीय नेतृत्व पर जोर दिया था।
इस बार चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी राढ़ बंगाल में विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और किसान हितैषी नीतियों को मुद्दा बना रही हैं। वहीं भाजपा इस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और केंद्रीय योजनाओं के लाभ को प्रमुखता से उठा रही है।
राढ़ बंगाल में मतदाताओं का रुझान अक्सर बदलता रहता है
स्थानीय नेताओं का कहना है कि राढ़ बंगाल में मतदाताओं का रुझान अक्सर बदलता रहता है। यही कारण है कि चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी प्रमुख दल यहां रैलियों, रोड शो और जनसभाओं के जरिए मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। भाजपा की तरफ से यहां बेरोजगारी, सिंचाई की समस्या, औद्योगिक विकास की कमी और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को उठाया जा रहा है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस मुख्यमंत्री की तरफ से शुरू की गई योजनाओं को आधार बना रही है। क्षेत्र में चुनावी अभियान के बारे में तृणमूल कांग्रेस के नेता रिजु दत्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में हर वर्ग के लोगों का विशेष ध्यान रखा है, जबकि भाजपा धर्म और जाति के नाम पर बांटने की राजनीति कर रही है।
भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों का शोषण होता है जबकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें सम्मान दिया। आदिवासी समुदाय की महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना के तहत दो सौ रुपए ज्यादा दिए गए। शिक्षा को लेकर विश्वविद्यालय सहित दूसरी सुविधाएं दी गईं। उन्होंने दावा किया कि इस बार क्षेत्र की सभी सीटें तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में रहेगी। वहीं भाजपा नेता ने कहा कि राढ़ बंगाल क्षेत्र में भाजपा को पिछली बार भी सफलता मिली थी। इस बार सीटों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार जारी है। टीएमसी और बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। दोनों ही दल एक दूसरे पर हमलावर हैं। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बड़े नेता जनसभाएं कर रहे हैं, वहीं टीएमसी की बागडोर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने संभाल रखी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
