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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: सैकड़ों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस निर्विरोध जीती, बीजेपी बोली- हमें लड़ने ही नहीं दिया

भाजपा राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि यह जीत बम और बंदूकों की संस्कृति का प्रतीक है। यह लोगों की जीत नहीं है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिला परिषद की 42 में से 41 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल की है। इसके साथ ही बीरभूम में पंचायत समिति की 19 में 14 सीटों पर राज्य की सत्ता पर काबिज टीएमसी उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया है। राज्य में पंचायत चुनाव में 1, 3 और 5 मई को होने हैं। दूसरी तरफ, मुर्शिदाबाद के किंडी में टीएमसी के 30 में से 29 उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित किया है। भारतपुर-22 में पार्टी ने पंचायत समिति की सभी सीटें निर्विरोध जीत ली हैं। ऐसा ही हाल राज्य का बरवान का है, जहां की सभी 37 पंचायत समिति सीटों पर टीएमसी उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। दूसरी तरफ, राज्य में विपक्षी दल ने टीएमसी पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। आरोप है कि दूसरे उम्मीदवारों को चुनाव में खड़ा ही नहीं होने दिया गया।

बीरभूम जिले के भाजपा अध्यक्ष राम कृष्णा रॉय ने कहा है कि टीएमसी कार्यकर्ता भाजपा उम्मीदारों को चुनाव नहीं लड़ने के लिए धमकी दे रहे हैं। उन्हें नामांकन दाखिल ही नहीं करने दिया जा रहा है। इसलिए चुनावी परिणाम अप्रत्याशित नहीं हैं। वो निर्विरोध जीतना चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने हमारे उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोक दिया। उन्होंने आगे कहा, “हमारे एक उम्मीदवार ने किसी तरह राजनगर सीट से नामांकल दाखिल किया, इसलिए टीएमसी यह सीट छोड़कर सभी सीटें जीत गई।”

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वहीं भाजपा राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा, “यह जीत बम और बंदूकों की संस्कृति का प्रतीक है। यह लोगों की जीत नहीं है। उन्होंने चुनाव से पहले लोगों को आतंकित किया और अब दावे करेंगे की विकास की जीत हुई है।” दूसरी तरफ, सीपीएम विधायक सुजान चक्रवर्ती ने कहा है कि टीएमसी ग्रामीण इलाकों में नहीं जीत पाई, लेकिन उन्होंने बूथ कब्जा कर लिए। ग्रामीण इलाकों में विपक्षियों को नामांकन से रोकने के लिए उन्होंने ग्रामीण निकायों पर कब्जा कर लिया।

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