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मध्य प्रदेश: लालच देकर आदिवासियों का धर्मांतरण करवा रहे 2 लोग गिरफ्तार, 11 नाबालिग बच्चे छुड़ाये गये

तोहफों और अलग..अलग सहूलियतों का लालच देकर आदिवासी समुदाय के 11 नाबालिग बच्चों के धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में पुलिस ने यहां दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

Author इंदौर | May 22, 2017 5:04 PM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

तोहफों और अलग..अलग सहूलियतों का लालच देकर आदिवासी समुदाय के 11 नाबालिग बच्चों के धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में पुलिस ने यहां दो लोगों को गिरफ्तार किया है। छोटी ग्वालटोली पुलिस थाने के प्रभारी संजू कामले ने आज बताया कि सरवटे बस अड्डे के पास चार लड़कियों समेत 11 नाबालिग बच्चों को कल रात छुड़ाया गया। इसके साथ ही, अलकेश गढ़ावा और हारच्च्न डावर को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि अलकेश और हारुन पर आरोप है कि वे हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले आदिवासी बच्चों को ईसाई बनाने के लिये बस से नागपुर ले जा रहे थे।

धर्मांतरण के एवज में बच्चों को तोहफों, मुफ्त पढ़ाई और अन्य सहूलियतों का कथित लालच दिया गया था। कामले ने बताया कि पुलिस ने गढ़ावा और डावर के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 363 (अपहरण) और ‘मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968’ की सम्बद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियोें के चंगुल से छुड़ाये गये नाबालिग बच्चों को बाल अधिकारों के क्षेत्र में काम करने वाली गैर सरकारी संस्था ‘चाइल्डलाइन’ के सुपुर्द किया गया है। ‘चाइल्डलाइन’ के स्थानीय निदेशक वसीम इकबाल ने बताया कि उनकी संस्था इन बच्चों से बात कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले में धर्मांतरण के लिये कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन बच्चों को जल्द ही बाल कल्याण समिति के सामने ले जाया जायेगा। समिति इन बच्चों की काउंसलिंग कर इनके बारे में उचित निर्णय करेगी।

बता दें कि बीते माह ही मध्य प्रदेश के सतना में पुलिस ने एक ईसाई पादरी और उसकी दो महिला सहयोगियों को तीन हिन्दुओं के धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया था। पादरी और उसकी दो महिला सहयोगियों ने गोरइया गांव के निवासी प्रशांत गुप्ता (25) और उसके दो साथियों रामबन आदिवासी और हेमराज वर्मा को जिले के कोटर थाना क्षेत्र में स्थित अबेर चर्च में बुलाया था। गुप्ता ने पुलिस को की गई अपनी शिकायत में कहा, ‘मैं कुछ समय पहले से पादरी ए बी एंथनी के संपर्क में था। उन्होंने मुझे और मेरे साथियों को नौकरी देने का कहकर प्रभु इशु की शरण में आने के लिए बाध्य किया तथा मेरा धर्म परिवर्तित कर दिया था।

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