ताज़ा खबर
 

पर्यटन निगम की बदहाली राजस्थान सरकार के लिए चुनौती

राजस्थान में लाखों की संख्या में पर्यटक सैर-सपाटे के लिए आते हैं और यहां के ऐतिहासिक महल, किले और अन्य स्थलों का भ्रमण करते हैं। पर्यटकों में स्थानीय महत्त्व की चीजों की खरीदारी का भी बड़ा चाव रहता है। खरीदारी के दौरान पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी होने की लगातार खबरें आती हैं।

Author January 23, 2019 7:58 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

राजस्थान में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए बने पर्यटन विकास निगम की आधी से अधिक इकाइयां बंद पड़ी हैं। चालू हालात में सिर्फ होटल हैं, उनकी भी हालत बदहाल है। निगम के होटल और मोटल की स्थिति सुधारना नई सरकार के लिए चुनौती बना है। निगम के घाटे में चलते उसकी कई इकाइयां बंद हो चुकी हैं तो कई बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। राजस्थान में लाखों की संख्या में पर्यटक सैर-सपाटे के लिए आते हैं और यहां के ऐतिहासिक महल, किले और अन्य स्थलों का भ्रमण करते हैं। पर्यटकों में स्थानीय महत्त्व की चीजों की खरीदारी का भी बड़ा चाव रहता है। खरीदारी के दौरान पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी होने की लगातार खबरें आती हैं। पर्यटकों को ठगी से बचाने के लिए कानूनों का पालन भी सही तरह से नहीं हो रहा है। पर्यटकों को खरीदारी करवाने में गाइड और मध्यस्थों को बड़ा कमीशन मिलता हैं, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में अब अपराधी तत्व भी घुस आए हैं। ये अपराधी तत्व गिरोह बनाकर काम करते हैं और पर्यटकों को ठगते हैं।

कानून के मुताबिक केंद्र या राज्य सरकार से लाइसेंस प्राप्त गाइड ही पर्यटकों को पर्यटक स्थल पर ले जाने के लिए अधिकृत माने गए हैं। इनके परिचय पत्रों की जांच होने के बाद ही इन्हें पर्यटकों को गाइड करने का अधिकार दिया जाता है। इसके बावजूद विभाग की मिलीभगत के चलते अनाधिकृत गाइड भी पर्यटकों को खरीदारी करा रहे हैं। ऐसे गाइडों पर लगाम लगाने के लिए ही पर्यटक सहायता बल के लोगों को तैनात किया जाता है। इस बल में ज्यादातर कर्मचारी और अधिकारी पुलिस विभाग से प्रतिनियुक्ति पर पर्यटन विभाग में आते हैं।

घाटे के चलते सरकार का पर्यटन विकास निगम बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। पुरानी सरकार इसके कई होटलों के साथ दूसरे प्रदेशों में स्थित पर्यटक केंद्रों को भी बंद कर चुकी है। निगम के पास प्रदेश के कई शहरों के महंगे इलाकों में अपनी जमीन पर होटल हैं और उन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई थी। निगम ने बीते साल अपनी 15 इकाइयां बंद कर दी थीं। इससे पहले उसकी 27 इकाइयां सिर्फ घाटे के नाम पर बंद कर दी गई थीं। निगम ने घाटा कम करने के लिए अब तक 500 कर्मचारियों को दूसरे महकमों में समायोजित कर दिया है। इन कर्मचारियों को 2014 से ही दूसरे विभागों में भेजना शुरू कर दिया गया था। निगम का राजस्व भी पांच साल में 88 करोड़ रुपए से घटकर 50 करोड़ रुपए रह गया है। निगम का मौजूदा घाटा भी 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो गया है।

सरकार बदलने के साथ ही अब नए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भरोसा दिया है कि पर्यटन विकास निगम को मजबूती दी जाएगी। उनका कहना है कि निगम के बंद हो चुके होटल, मोटल, कैफेटेरिया समेत अन्य इकाइयों को फिर से चलाया जाएगा। बंद पड़ी इकाइयों में नई जान फूंकने के लिए एक समिति बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ ही विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। देश में राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। पर्यटक सहायता बल को भी मजबूत किया जाएगा ताकि प्रदेश में आने वाले पर्यटक पूरी तरह से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पर्यटन से जुड़े हर काम को सरकार प्राथमिकता से करेगी।

राजस्थान पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ का कहना है कि घाटे के नाम पर निगम की इकाइयां साजिश के तहत बंद की जा रही थीं। इन्हें निजी हाथों में सौंपने के लिए ही निगम को बंद करवाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। उनका कहना है कि पहले निगम की आय के सारे स्रोत बंद किए गए। इसे घाटे में षड्यंत्र के तहत पहुंचाया गया। पर्यटन विभाग के कर्मचारी हमेशा पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर चिंतित रहते हैं और सरकार को समय-समय पर सुझाव भी देते हैं। पर्यटकों की सुविधाओं की ओर तो सरकार को ही गौर कर कार्रवाई करनी चाहिए। अधिकारियों और नेताओं की मिली भगत के चलते ही निगम की बदहाल हालात हुई। नई सरकार से उम्मीद है कि निगम को फिर से अपने अतीत की ओर ले जाएगी और पर्यटकों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।

पर्यटन विकास निगम को मजबूती दी जाएगी। निगम के बंद हो चुके होटल, मोटल, कैफेटेरिया समेत अन्य इकाइयों को फिर से चलाया जाएगा। बंद पड़ी इकाइयों में नई जान फूंकने के लिए एक समिति बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ ही विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। देश में राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। – विश्वेंद्र सिंह, पर्यटन मंत्री, राजस्थान

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App