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Kumbh Mela 2019 : आज महादेय योग-मौनी अमावस्या का संगम, शाही स्नान के बाद त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे करीब 3 करोड़ श्रद्धालु

Kumbh Mela 2019 Prayagraj (Allahabad): आज मौनी अमावस्या के साथ-साथ महादेय योग का संगम भी हो रहा है। इसके चलते प्रयागराज में करीब 2 करोड़ श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे। हालांकि, उनसे पहले मेले में मौजूद 13 अखाड़ों के साधु-संत दूसरा शाही स्नान करेंगे।

Author February 4, 2019 2:35 PM
Kumbh Mela 2019: कुंभ मेला, फोटो सोर्स- कुमार सम्भव जैन

Kumbh Mela 2019: आज मौनी अमावस्या के साथ-साथ महादेय योग का संगम भी हो रहा है। इसके चलते प्रयागराज में करीब 3 करोड़ श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे। हालांकि, उनसे पहले मेले में मौजूद 13 अखाड़ों के साधु-संत दूसरा शाही स्नान करेंगे। यूपी की योगी सरकार ने श्रद्धालुओं के रहने और स्‍नान के लिए काफी सुविधाओं का इंतजाम किया है। मेला प्रशासन के मुताबिक, मौनी अमावस्या स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालु संगम पहुंच चुके हैं। वहीं, सोमवार सुबह भी काफी लोगों के आने का अनुमान है।

41 घाटों पर होगा स्नान : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि मौनी अमावस्या पर करीब 3 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने का अनुमान है। ऐसे में स्नान के लिए 41 घाट तैयार किए गए हैं। वहीं, मेला क्षेत्र को 10 जोन में बांटकर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मेला परिसर में करीब 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, 96 फायर वॉच टावर बनाए गए हैं। पूरे मेला परिसर में 37 कंपनी आरपीएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और आईटीबीपी समेत अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए हैं। इनके अलावा एनडीआरएफ की 10 कंपनी भी एक्टिव हैं।

यह है दुर्लभ योग : कुंभ मेले का दूसरा प्रमुख शाही स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर आज यानी 4 फरवरी को होगा। इस बार सोमवती और मौनी अमावस्या पर महोदय योग बन रहा है, जो कि दुर्लभ योग है। ज्योतिषियों का मानना है कि गंगा स्नान, दान पुण्य करने से राहु, केतु व शनि से संबंधित कष्टों से मुक्ति मिलती है। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने बताया कि मौनी अमावस्या के साथ-साथ सोमवती अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है। कुंभ होने से इनका महत्व और भी बढ़ गया है। महोदय योग में गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी तट पर स्नान करने. पूजा-पाठ करने से अन्य दिनों में किए गए स्नान-दान से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है।

गणना के हिसाब से भी दुर्लभ योग : ग्रह गोचर की गणना से देखें तो सोमवती और मौनी अमावस्या पर सूर्य, चंद्र, बुध, केतु मकर राशि में गोचरस्थ रहेंगे। चर्तुग्रही युति में महोदय योग का बहुत कम संयोग बनता है। यह योग सूर्य चंद्र की मकर राशि में मौजूद स्थिति पर केंद्रित है। साथ ही, श्रवण व व्यतिपात नक्षत्र इस योग को ओर भी खास बना रहे हैं।

ऐसे बनता है महादेय योग : ज्योतिष मान्यता के मुताबिक, सूर्य चंद्र जब मकर राशि पर हो और श्रवण नक्षत्र और व्यातिपात योग की साक्षी हो तो महादेय योग बनता है। अमावस्या पर स्वार्थ सिद्ध भी बन रहे है, जो अमावस्या पर कम ही आता है। सर्वसिद्धि योग में साधना, अनुष्ठान का महत्व है। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज के मुताबिक, महादेय योग को शास्त्रों में अद्र्वधोदय योग भी कहा जाता है, जो केवल माघ महीने में ही बनता है। यह महायोग सोमवार सुबह आठ बजे से सूर्यास्त तक रहेगा।

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