दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास (6, फ्लैगस्टाफ रोड) को स्टेट गेस्ट हाउस के रूप में विकसित करने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रही है। सरकार ने पीडब्ल्यूडी से कहा है कि वह इस प्रॉपर्टी को चलाने और उसकी देखरेख के लिए टॉप होटल चेन को शामिल करने की संभावनाओं का पता लगाए। बीजेपी ने इस संपत्ति को शीश महल कहा था।
अधिकारियों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से सिविल लाइंस स्थित बंगले के बगल में अधूरे पड़े कैंप ऑफिस का काम पूरा करने के लिए भी कहा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पिछली आप सरकार कैंप ऑफिस के तौर पर दो मंजिला इमारत बना रही थी। इसका मुख्य ढांचा तो बन गया था, लेकिन पूर्व सीएम के आवास के नवीनीकरण में कथित अनियमितताओं की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद काम अधूरा रह गया।”
इंटीरियर के काम अभी बाकी
अधिकारी ने आगे कहा, “पेंटिंग और बिजली के काम जैसे इंटीरियर के काम अभी बाकी हैं। अब पीडब्ल्यूडी से काम पूरा करने के लिए कहा गया है ताकि स्टेट गेस्ट हाउस योजना के तहत लोगों की मेजबानी करने और कॉन्फ्रेंस या मीटिंग आयोजित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके।”
पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि बंगले को किसी कॉर्पोरेशन को सौंपने के बजाय सरकार टॉप होटल और हॉस्पिटैलिटी चेन के साथ साझेदारी करने के विकल्पों पर विचार कर रही है, जो इस प्रॉपर्टी को पेशेवर तरीके से मैनेज और चला सकें।
पीडब्ल्यूडी को योजना तैयार करने के निर्देश- मंत्री
परवेश सिंह ने कहा, “पीडब्ल्यूडी को एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पेशेवर कंपनियों को शामिल करने पर बातचीत चल रही है, ताकि इसे पेशेवर तरीके से विकसित और मैनेज किया जा सके।”
मंत्री ने कहा, “मुख्य आवास (बंगले) में बहुत ज्यादा काम की जरूरत नहीं है, लेकिन दूसरी इमारत (कैंप ऑफिस) में इंटीरियर का काम होना है। साथ ही, एक कॉन्फ्रेंस रूम, ठहरने की सुविधा, एक रेस्टोरेंट या कैफेटेरिया बनाने की भी योजना है, जहां देश-विदेश से आने वाले लोग ठहर सकें और खाना खा सकें, वे कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले सकें।”
मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव को अभी वरिष्ठ अधिकारियों से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। अन्य स्टेट गेस्ट हाउस की तरह, इस बंगले का इस्तेमाल भी यात्रा पर आने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को फीस लेकर ठहराने के लिए किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि कभी-कभार ही आएंगे, लेकिन बाकी समय बंगले का इस्तेमाल ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ सुविधा के तौर पर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक बार जब इसे स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के तौर पर तैयार कर लिया जाएगा, तो बंगले में मेहमानों के लिए कमरे, एक कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग की जगहें और एक ऑडिटोरियम होगा, जहां सांस्कृतिक और कलात्मक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और सरकारी समारोह आयोजित किए जा सकेंगे।
वहीं, अधूरा कैंप ऑफिस 1500 स्क्वायर यार्ड के प्लॉट पर बन रहा है। दिल्ली विधानसभा में सरकार द्वारा पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, काम रुकने से पहले इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे। एक अधिकारी ने बताया कि कैंप ऑफिस की अनुमानित लागत लगभग 60 करोड़ रुपये थी।
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने मामले की जांच शुरू की थी
केजरीवाल और उनका परिवार 2015 से लगभग एक दशक तक सिविल लाइन्स वाले बंगले में रहा था। 2022 में दिल्ली विजिलेंस डिपार्टमेंट ने पीडब्ल्यूडी की ओर से मौजूदा घर के रेनोवेशन में कथित अनियमितताओं और लागत बढ़ने के मामले की जांच शुरू की थी।
बीजेपी ने बंगले में किए गए कथित आलीशान और विवादित रेनोवेशन का मजाक उड़ाते हुए इसे शीश महल का नाम दिया था। 2025 के चुनाव प्रचार के दौरान, पार्टी ने अपनी रैलियों और जनसभाओं में बंगले के छोटे मॉडल दिखाए थे। रेनोवेशन के कारण परिसर का बिल्ट-अप एरिया एक-तिहाई से ज्यादा बढ़ गया और पीडब्ल्यूडी ने रेनोवेशन की लागत के शुरुआती अनुमानों में चार बार बदलाव किया था।
सीएजी की एक रिपोर्ट में रेनोवेशन की लागत 33.66 करोड़ रुपये बताई गई, जो अनुमानित लागत से 340% से ज्यादा थी। सीएजी ने कहा था कि इसमें से 18.88 करोड़ रुपये बेहतरीन एंटीक और सजावटी चीजों पर खर्च किए गए थे। फिलहाल, बंगले की देखभाल के लिए लगभग 10 कर्मचारी तैनात हैं।
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