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सरकार ने किया था मना, वन विभाग से ले ली मंजूरी और बांस के नाव से उफनती नदी पार कर पहुंच गई शादी करने

दुल्हन व उसके परिवार ने पहले वन विभाग से इजाजत ली और फिर जान जोखिम डाल बांस के नाव पर सवार होकर उफनती नदी पार करने के बाद वे विवाह स्थल पर पहुंचे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

नीलगिरी के ढ़लान पर बसे एक पहाड़ी गांव में रहने वाली 24वर्षीय दुल्हन ने मोयार नदी में बाढ़ के बाद अपने शादी समरोह स्थल तक पहुंचने के लिए खतरनाक तरीका अपनाया। सरकार से मनाही के बावजूद उसने वन विभाग से मंजूरी ली और बांस के नाव के सहारे उफनती नदी को पार कर शादी करने पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि, “तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के सैथीमंगलम टाइगर रिजर्व के किनारे स्थित थिंगुमारहाड़ा गांव की रहने वाली महिला रास्थी ने अपने परिवार के साथ खतरनाक तरीके से उफनती हुई नदी पार की। हालांकि, बाढ़ को देखते हुए बांस के नाव से यात्रा पर रोक है। लेकिन जरुरी काम देखते हुए वन विभाग से मंजूरी ली लेने के बाद परिवार ने ऐसा किया।”

रास्थी की शादी 20 अगस्त को होनी थी, लेकिन बाढ़ की वजह से सभी रास्ते बंद हो गए थे। विवाह स्थल तक पहुंचना भी जरूरी था। आखिरकार उसने अपने परिवार के साथ विचार करने के बाद बांस के दो नाव की सहायता से नदी पार कर विवाह स्थल तक पहुंचने का निश्चय किया। इसके लिए उन लोगों से पहले वन विभाग से इजाजत ली और फिर जान जोखिम डाल उफनती नदी पार करने के बाद वे विवाह स्थल पर पहुंचे।

 

नदी पार करने के लिए कोई पुल नहीं होने की वजह से शादी करने वालों ने इस तरह की जोखिम भरी यात्रा की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नदी कि उपर एक पुल बनाया दिया जाए। वहीं, इस जोखिम भरी यात्रा पर टिप्पणी करते हुए राज्य के रेवेन्यू मंत्री आरबी उधया ने कहा कि, “यह खतरनाक है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि वे उफनती नदी के किनारे न जाएं। लोगों को ऐसा करने से बचना चाहिए।” लाउडस्पीकर का उपयोग करके, लोग को सावधानी बरतने और उफनती नदियों व किनारो पर न जाने की सलाह दी जा रही है।

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