To create jobs is the need of the hour: M Venkaiah Naidu - Jansatta
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उपराष्ट्रपति बोले- युवाओं के लिए रोजगार सृजन बड़ी चुनौती, कर चोरी से निपटना भी एक चैलेंज

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि मध्य वर्ग का विकास भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए एक अहम पहलू है और नौकरी सृजन करके अपनी जनसांख्यिकी का पूरा फायदा उठाना वक्त की जरूरत है।

Author हैदराबाद | January 24, 2018 8:36 AM
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि मध्य वर्ग का विकास भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए एक अहम पहलू है और नौकरी सृजन करके अपनी जनसांख्यिकी का पूरा फायदा उठाना वक्त की जरूरत है। नायडू ने यह भी कहा कि भारत को कर जीडीपी अनुपात को सुधारना चाहिए और कर चोरी पर नकेल कसनी चाहिए जबकि करदाताओं का बेवजह उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मध्य वर्ग का विकास आगामी सालों में भारत की आर्थिक वृद्धि का एक अहम पहलू होगा। भारत की बड़ी आबादी है और इसमें करीब 65 फीसदी लोग 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। लिहाजा वक्त की जरूरत है कि युवा आबादी के लिए नौकरी के पर्याप्त मौके सृजन करके जनसांख्यिकी का पूरा फायदा उठाया जाए। वह केशव मेमोरियल इंस्ट्टियूट ऑफ कॉमर्स एंड साइंस की ओर से आयोजित ‘ कंटेम्पेरेरी इशूज एंड चेलेंजेजÞ इन फाइसेंस, मार्केंटिंग एंड टैक्ससेशन’ के उद्धाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का सिर्फ डिग्री लेना ही काफी नहीं है बल्कि उन्हें ‘जीवन कौशल’ भी सीखाना चाहिए। नायडू ने कहा कि आर्थिक सुधार के पहले दो अहम चरण पीवी नरसिम्ह राव और अटल बिहारी वाजपयी की अगुवाई वाली सरकारों ने किए जबकि सुधार का तीसरा चरण मौजूदा सरकार कर रही है जो अर्थव्यवस्था को बदल रही है। उन्होंने कहा सरकारी बैंकों के 2.11 लाख करोड़ रुपये के पुन: पूंजीकरण कार्यक्रम से ऋण की मांग और निवेश बढ़ेगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नोटबंदी और माल एवं सेवा कर का एक मुख्य लक्ष्य कर अनुपालन को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार से कर संग्रह में वृद्धि होगी और उच्च राजस्व का इस्तेमाल जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण करके विकास के कामों को बढ़ाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा, कर चोरी से सख्ती से निपटा जाना चाहिए जबकि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उत्साही अधिकारियों द्वारा करदाताओं का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं हो। उपराष्ट्रपति ने कहा कि जीएसटी ने अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को बदला है और यह कई करों की जगह एक कर की व्यवस्था लेकर आया है।

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