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हिंडन को संवारने और खूबसूरत बनाने का काम जल्द होगा शुरु

हिंडन नदी को संवारन की कवायद शुरू हो गई है। हिंडन के दोनों तटों पर करीब 500 किलोमीटर लंबाई तक वन विकसित हो सकेगा।

Author गाजियाबाद | Published on: July 29, 2017 12:44 AM
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मेरठ मंडलों के सात जिलों से होकर गुजरने वाली हिंडन नदी को पुनर्जीवित करने के महत्त्वाकांक्षी अभियान की जोरदार शुरुआत हो गई है।

हिंडन नदी को संवारन की कवायद शुरू हो गई है। हिंडन के दोनों तटों पर करीब 500 किलोमीटर लंबाई तक वन विकसित हो सकेगा। यही नहीं, सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक हिंडन नदी में फैक्टरी से डाले जाने वाले गंदे पानी के नालों को बंद कराने की योजना को जल्द अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। हिंडन नदी को संवारने और खूबसूरत बनाने का काम सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अलावा बागपत, शामली, मेरठ विकास प्राधिकरण व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को फंड देकर किया जाएगा।
हिंडन नदी को खूबसूरत बनाने और इसको विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के बाद अब प्रदेश सरकार भी गंभीर दिख रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में गुरुवार को मेरठ मंडल के कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हिंडन नदी को संवारने के लिए पूरी योजना को साकार करने के लिए बैठक की। उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक और भारत की दूसरे सबसे अधिक प्रदूषित हिंडन नदी प्रभावित है। बैठक में जिलाधिकारी मिनिस्ती एस, जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रमेश रंजन सिंह,समेत अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हिंडन नदी के दोनों तरफ वन विकसित करने के अलावा गंदे पानी को रोका जाएगा। नालों को बंद कराया जाएगा। सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे नालों का सर्वे होगा। कूड़ा-करकट न डाला जाए। इसके लिए लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। आमजन की अधिक से अधिक भागेदारी हो। इसके लिए लोगों में जागरूकता लाई जाएगी और उन्हें इस अभियान में जोड़ा जाएगा।

हिंडन नदी के दोनों ओर डूब क्षेत्र घोषित है, डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने होंगे। एनजीटी इस मामले में पहले ही मकानों को तोडने और अतिक्रमण हटाने के आदेश दे चुका है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) एनजीटी के आदेश पर करीब 5500 अवैध मकान डूब क्षेत्र में चिंहित किए जा चुके हैं। हिंडन नदी को संवारने के लिए जीडीए को 5 करोड़ रुपए देने होंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा 1 करोड़ रुपए का फंड दिया जा चुका है। हिंडन नदी के लिए अथॉरिटी से फंड एकत्र किया जाएगा। इसके अलावा आमजन का सहयोग फंड में लिया जाएगा। इसके अलावा इलाहाबाद बैंक में हिंडन के नाम से खाता खोला जाएगा, जिसमें पैसा जमा होगा।

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